गुरूद्वारा साहिब में पूर्ण होती है सभी श्रद्धालुओं की मनवांछित कामना
25 अप्रैल 2010
सिरसा(न्यूजप्लॅस) स्थानीय सूरतढिय़ा बाजार स्थित गुरूद्वारा श्री गुरू गोबिन्द सिंह जी पातशाही दसवीं जिसे सिखों के दसवें गुरू श्री गुरू गोबिन्द सिंह की अपार रहमत प्राप्त है। यह जानकारी देते हुए उक्त गुरूद्वारा साहिब के प्रधान स. प्रकाश सिंह साहुवाला, मैनेजर स. शेर सिंह तथा हैड ग्रंथी भाई जसवीर सिंह ने बताया कि गुरूद्वारा साहिब में जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से लगातार 40 दिन लगातार आकर कथा-प्रवचन का श्रवण करता है उसे मनवांछित कामना पूर्ण होती है। यहां पर सुबह-शाम गुरूबाणी का सुन्दर कथा-कीर्तन किया जाता है। उन्होंने कहा कि गुरूद्वारा साहिब में एक सरोवर भी बना हुआ है जिसमें नित्यप्रति हजारों श्रद्धालु स्नान करके अपने तन-मन को पवित्र करते हैं। इसके अतिरिक्त इस सरोवर में स्नान करने से सभी प्रकार के चर्म रोग भी दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि गुरूद्वारा साहिब में दिन-रात गुरू का लंगर चलता है और बाहर से आए श्रद्धालुओं के ठहरने हेतु भी विशेष प्रबन्ध है। सर्वधर्म एक समान के आधार पर गुरूद्वारा साहिब में सभी धर्मों के लोगों का भावनाओं का आदर किया जाता है जिसके प्रभाव गुरूद्वारा साहिब में नियमित रूप से सभी धर्मों के लोग आते हैं तथा पवित्र गुरूबाणी का श्रवण करते हैं।
सिरसा(न्यूजप्लॅस) स्थानीय सूरतढिय़ा बाजार स्थित गुरूद्वारा श्री गुरू गोबिन्द सिंह जी पातशाही दसवीं जिसे सिखों के दसवें गुरू श्री गुरू गोबिन्द सिंह की अपार रहमत प्राप्त है। यह जानकारी देते हुए उक्त गुरूद्वारा साहिब के प्रधान स. प्रकाश सिंह साहुवाला, मैनेजर स. शेर सिंह तथा हैड ग्रंथी भाई जसवीर सिंह ने बताया कि गुरूद्वारा साहिब में जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से लगातार 40 दिन लगातार आकर कथा-प्रवचन का श्रवण करता है उसे मनवांछित कामना पूर्ण होती है। यहां पर सुबह-शाम गुरूबाणी का सुन्दर कथा-कीर्तन किया जाता है। उन्होंने कहा कि गुरूद्वारा साहिब में एक सरोवर भी बना हुआ है जिसमें नित्यप्रति हजारों श्रद्धालु स्नान करके अपने तन-मन को पवित्र करते हैं। इसके अतिरिक्त इस सरोवर में स्नान करने से सभी प्रकार के चर्म रोग भी दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि गुरूद्वारा साहिब में दिन-रात गुरू का लंगर चलता है और बाहर से आए श्रद्धालुओं के ठहरने हेतु भी विशेष प्रबन्ध है। सर्वधर्म एक समान के आधार पर गुरूद्वारा साहिब में सभी धर्मों के लोगों का भावनाओं का आदर किया जाता है जिसके प्रभाव गुरूद्वारा साहिब में नियमित रूप से सभी धर्मों के लोग आते हैं तथा पवित्र गुरूबाणी का श्रवण करते हैं।

