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क्लर्क पद की भर्ती के लिए बीए योग्यता करना गलत: अजय चौटाला

20 फरवरी 2010
चंडीगढ(प्रैसवार्ता) इनेलो ने हुड्डा सरकार द्वारा क्लर्क पद की भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता बढ़ाकर बीए किए जाने के फैसले को पूरी तरह से अनुचित व गलत बताते हुए सरकार से यह तुगलकी फैसला तुरन्त वापिस लिए जाने की मांग की है। इनेलो के प्रधान महासचिव व डबवाली के विधायक अजय सिंह चौटाला ने कहा कि हुड्डा सरकार द्वारा यह फैसला बिना सोचे-समझे लिया गया है और सरकार के इस फैसले से जहां ग्रामीण आंचल में बसने वाले व गरीब परिवारों से सम्बन्ध रखने वाले युवक पूरी तरह से सरकारी नौकरियों से वंचित हो जाएंगे वहीं सरकार द्वारा लिपिक के लिए न्यूनतम योग्यता आईएएस, आईपीएस व एचसीएच अफसरों के लिए वांछित न्यूनतम योग्यता के बराबर कर दिए जाने के फैसले को कहीं भी समझदारीपूर्वक फैसला नहीं कहा जा सकता। अजय सिंह चौटाला ने कहा कि यह फैसला विभिन्न पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों में जहां वेतनमानों व अन्य मामलों में असमानता पैदा करेगा वहीं इस फैसले से यह भी नजर आता है कि हुड्डा सरकार बिना सोचे-समझे आंखें मूंदकर फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि आईएएस, आईपीएस व एचसीएस जैसी शीर्ष प्रथम श्रेणी सेवाओं के लिए उम्मीदवार के लिए न्यूनतम योग्यता स्नातक रखी गई है। यानी कोई भी बीए पास युवा आईएएस, आईपीएस या एससीएस अफसर भर्ती हो सकता है। अब क्लर्क लगने के लिए भी शैक्षणिक योग्यता तो आईएएस के बराबर कर दी गई है लेकिन लिपिक के वेतनमान में कोई संशोधन किए बगैर न्यूनतम योग्यता बढ़ाए जाने के फैसले को पूरी तरह से अनुचित व गलत माना जा रहा है। इनेलो के प्रधान महासचिव ने कहा कि कर्मचारियों के विभिन्न वर्गों के वेतनमान तय करते समय उन वर्गों की न्यूनतम योग्यता को भी ध्यान में रखा जाता है। इस समय कर्मचारियों के अनेक वर्ग ऐसे हैं जिनकी न्यूनतम योग्यता स्नातक से कम है और उनका वेतनमान लिपिक से ज्यादा रखा गया है। अब लिपिक की न्यूनतम योग्यता स्नातक कर दिए जाने से कम योग्यता वाले कर्मचारियों को ज्यादा वेतनमान और ज्यादा योग्यता वाले कर्मचारियों का न्यूनतम वेतनमान कम हो जाएगा जिसके चलते कर्मचारी वर्गों में भी भारी असमानता पैदा हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वैसे भी प्रथम श्रेणी कर्मचारियों व तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को एकसमान किए जाना किसी भी तरह से समझदारीपूर्वक फैसला नहीं माना जा सकता। अजय सिंह चौटाला ने कहा कि अगर हुड्डा सरकार क्लर्क के लिए न्यूनतम योग्यता बीए पास रखना चाहती है तो उसे फिर क्लर्क पद का न्यूनतम वेतनमान भी बढ़ाकर उन पदों के बराबर करना चाहिए जिन पदों पर लगने वाले कर्मचारियों की न्यूनतम योग्यता स्नातक है। उन्होंने कहा कि हुड्डा सरकार ने वैसे भी पिछले पांच सालों के दौरान प्रदेश के युवा वर्ग के साथ नौकरियों के मामले में भारी भेदभाव किया है और हरियाणा में नौकरियां सरेआम नीलाम हो रही हैं। उन्होंने कहा कि नौकरियों व विकास के मामले में हुड्डा सरकार ने प्रदेश में क्षेत्रवाद को बढ़ावा दिया और अब सरकार के इस फैसले से नौकरियों के लिए आवेदन करने वाले ग्रामीण क्षेत्र के युवकों को भी पूरी तरह से वंचित करने का प्रयास किया गया है। इनेलो नेता ने कहा कि हुड्डा सरकार बिना सोचे-समझे व बिना किसी तर्क के आए दिन तुगलकी फैसले ले रही है, जिससे साफ है कि प्रदेश सरकार एक निर्वाचित लोकतान्त्रिक सरकार की तरह नहीं बल्कि राजे-महाराजाओं की शैली में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपना यह गलत व अनुचित आदेश तुरन्त वापिस लेना चाहिए ताकि गरीब परिवारों के साथ-साथ ग्रामीण आंचल में बसने वाले युवक भी प्रदेश में क्लर्क भर्ती होने के लिए आवेदन दे सकें। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने यह फैसला तुरन्त वापिस न लिया तो युवा व कर्मचारी वर्ग में सरकार के प्रति रोष और ज्यादा बढ़ जाएगा और प्रदेश का युवा वर्ग इस भ्रष्ट व तुगलकी सरकार को चलता करके ही दम लेगा।

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