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जनता का सामना करने से कतरा रही हजकां

06 May 2010
चंडीगढ़(प्रैसवार्ता) हरियाणा राज्य के मानचित्र पर कुछ समय पूर्व नजर आने वाली हजकां अपने ही चुने गये विधायकों से राजनीतिक झटका खाकर इस कद्र निराश हुई है, कि जनता दरबार में जाने से कतराने लगी है। मात्र Justify Fullपांच वर्ष पूर्व एक सियासी दल के रूप में प्रकट हुई हजकां को हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में आधा दर्जन विधायक देकर प्रदेश के मतदाताओं को विधानसभा भेजा, परन्तु इनमें से हजकां सुप्रीमो कुलदीप बिश्रोई को छोड़कर सभी पांचों विधायक कांग्रेस में चले गये। इस राजनीतिक झटके ने हजकां के स्वप्र चूर-चूर कर दिये। राज्य के मौजूदा राजनीतिक चित्र पर नजर दौड़ाने से दिखाई देता है, कि हजकां राजय में राजनीतिक रूप से पिछड़ गई है। हजकां ने गठन उपरांत लम्बी-लम्बी डींगे मारने के साथ-साथ अपना राजनीतिक ग्राफ देखने के उद्देश्य से लोकसभा की समस्त सीटों पर अपने प्रत्याशी, उतारे, जिनमें से एक भजन लाल को छोड़कर सभी को पराजय मिली। हजकां भले ही लोकसभा चुनाव में प्रभावी प्रदर्शन न दिखा सकी हो, मगर इनैलो की विजयी रफ्तार को रोकने में पूर्णतया सफल रही। राज्य के विधानसभा चुनावों उपरांत कांग्रेस पार्टी को सत्ता तक पहुंचने के लिए निर्दलीय विधायकों व हजकां विधायकों की पड़ी जरूरत को देखते हुए हजकां सुप्रीमों कुलदीप बिश्रोई ने कांग्रेसी दिग्गजों से सैटिंग व सौदेबाजी के चलते कई दिन तक राजनीतिक नृत्य करते रहे, मगर कांग्रेस को सहयोग देने के बदले मिलने वाले अरमानों पर उस समय पानी फिर गया, जब कुलदीप बिश्रोई को अकेला छोड़कर पांचों विधायक कांग्रेस में चले गये। हजकां सुप्रीमों कुलदीप बिश्रोई को मिले इस राजनीतिक झटके से उभरने का अवसर मिलता, मगर इसी बीच ऐलनाबाद उप चुनाव का बिगुल बच उठा। राजनीतिक सदमा झेल रही हजकां इस उप चुनाव में अपना प्रत्याशी तक उतारने का साहस नहीं जुटा पाई, और ऐसी ही स्थिति 20 मई को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में देखी जा रही है। जनता का सामना करने से निरंतर घबरा रही हजकां का लोकसभा व विधानसभा चुनावों उपरांत जन समस्या के समाधान को लेकर प्रदर्शन इत्यादि न करना, निरंतर प्रभावी कार्यकत्र्ताओं की अलविदाई, कार्यकत्र्ताओं को स्थानीय निकाय चुनावों में मदद न करने की घोषणा ने हजकां को राज्य के राजनीतिक चित्र से हाशिये पर ला दिया है। विधानसभा सत्र दौरान विधानसभा घेराव का खेल भी टॉय-टॉय फिस होकर रह गया, हालांकि चंडीगढ़ में हजकां नेताओं पर बरसी लाठियों से सहानुभूति लहर बटोरने का प्रयास भी हजकां सुप्रीमों ने किया, मगर उसमें भी उन्हें सफलता नहीं मिली। हजकां नेताओं की यह दलील है, कि पार्टी जन अदालत में जाने की बजाये संगठनात्मक ढांचे की मजबूती को प्राथमिकता दे रही है।

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अजय चौटाला ने मांगा मुख्यमंत्री से त्याग पत्र

25 अप्रैल 2010
चंडीगढ(प्रैसवार्ता) दलितों की हितैषी सरकार होने का दावा करने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मिर्चपुर की दर्दनाक घटना के बाद मुख्यमंत्री के त्याग पत्र की मांग करते हुए अजय चौटाला ने कहा कि प्रदेश का हर वर्ग हुड्डा सरकार से बेहद दुखी और परेशान है और 27 अप्रैल को विपक्षी दलों द्वारा की जा रही राष्ट्रव्यापी हड़ताल हरियाणा में बेहद सफल रहेगी। उन्होंने कहा कि दिनोंदिन बढ़ रही महंगाई, प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति, बिजली-पानी संकट, सरकारी भ्रष्टाचार और सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदेश की जनता अपने रोष व गुस्से का इजहार करने के लिए 27 अप्रैल की हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लेगी। उन्होंने एसईजेड के नाम पर किसानों से ली गई जमीन तुरन्त किसानों को वापिस लौटाने की मांग की। उन्होने कहा कि आज हुड्डा सरकार द्वारा हर फैसला प्रदेश के हित में न लेकर रिलायंस को फायदा पहुंचाने के लिए लिया जा रहा है। मुख्यमन्त्री प्रदेश के निर्वाचित व लोकतान्त्रिक मुखिया की बजाय रिलायंस कम्पनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं। इनेलो नेता ने प्रदेश में फिर से हाउस टैक्स लगाए जाने का विरोध करते हुए इसे तुरन्त वापिस लिए जाने की मांग की और हुड्डा सरकार द्वारा नौकरियों में की जा रही व्यापक धांधलियों को लेकर सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में बिजली-पानी को लेकर बेहद गम्भीर संकट है और महेंद्रगढ़ जिले से लेकर सिरसा जिले के आखिरी छोर तक राजस्थान के साथ लगते गांवों में रहने वाले लोगों को पीने का पानी भी राजस्थान से मोल खरीदकर लाना पड़ रहा है। इनेलो नेता ने कहा कि मुख्यमन्त्री स्पष्ट करे कि कांग्रेस ने अपने वायदे अनुसार एसवाईएल, हांसी-बुटाना नहर, अलग हाईकोर्ट, एक्सप्रेस हाईवे निर्माण पूरा करने, राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, हाईटैक सिटी, नैनो सिटी, किसान आयोग गठन, दस लाख लोगों को रोजगार देने, एक घर से एक रोजगार देने, विदेशी रोजगार ब्यूरो के माध्यम से रोजगार उपलब्ध करवाने और गुडग़ांव की तर्ज पर चार नए शहर बसाने जैसे प्रमुख वादों में से अब तक इनमें से कौन सा वादा पूरा किया है। इस पर सरकार को एक श्वेत-पत्र जारी करना चाहिए।

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राठौर का 'मासूम' बताने पर हाईकोर्ट ने लगाई हरियाणा सरकार को फटकार

02 अप्रैल 2010
चंडीगढ़(प्रैसवार्ता) रुचिका छेड़छाड़ मामले में दोषी ठहराए गए हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपीएस राठौड़ के खिलाफ उस समय मामले के उजागर होने के बाद बावजूद विभागीय जांच पड़ताल बंद कर देने का फैसला आज हरियाणा सरकार को तब महंगा पड़ा जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार के इस फैसले को आड़े हाथों लेते हुए कड़ी फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि जब राठौड़ केंद्र सरकार का कर्मचारी था तो हरियाणा सरकार ने उसे क्लीन चिट किस आधार पर दी? वर्ष 1994 मं राठौड़ के खिलाफ विभागीय जांच पड़ताल बंद कर दिए जाने की दलील हरियाणा सरकार ने यह कहते केंद्र सरकार की ओर से प्रतिनियुक्ति पर हरियाणा आए थे और उसके खिलाफ जांच-पड़ताल शुरू करने का हक भी केंद्र सरकार को ही था। इसी आधार पर हरियाणा सरकार ने राठौड़ के खिलाफ जांच बंद कर दी थी पर हरियाणा सरकार के इस फैसले पर कु्रद्ध नजर आते हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मुकुल मुदगल ने हरियाणा के कानून अधिकारी से पूछा, जब आपको उसे दोषमुक्त करार देने का कोई संवैधानिक अधिकार ही नहीं था तो आपने राठौड़ को क्लीन चिट कैसे दे दी? जब आप खुद कहते हैं कि वह केंद्र सरकार का कर्मचारी था तो उसके खिलाफ विभागीय जांच बंद करने का हक आपको किसने दिया? इसके विपरीत आपको चाहिए था कि राठौड़ के खिलाफ जांच का काम केंद्र सरकार को ही सौंप देते। हाईकोर्ट के इस सवाल का हरियाणा के कानून अधिकारी के पास कोई जवाब नहीं था और उसने इसका जवाब देने तथा संबंधित तथ्यों की जांच-पड़ताल के लिए कुछ समय मांग लिया। पर न्यायमूर्ति मुदगल ने फिर पूछा कि कानूनी तौर पर जब आपको राठौड़ के खिलाफ जांच बंद करने का हक ही नहीं तो आपने ऐसा किया क्यों? उसे दोषमुक्त करार देने की बनस्पित यह होता कि राठौड़ का मामला केंद्र सरकार के हवाले कर देते। अब यह मामला जनहित की जरूरत के मुताबिक रौशनी में लाया जाना जरूरी हो गया है और शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उधर, राठौड़ की पत्नी व अधिवक्ता आभा राठौड़ ने अपने पति को निर्दोष बताते हुए आरोप लगाया कि उनके पति को बेवजह फंसाया गया है। इसके जवाब में न्यायमूर्ति मुदगल ने कहा कि अभी यकीन के साथ नहीं कहा जा सकता कि उसे बेवजह फंसाया गया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई चार हफ्तों बाद दोबारा शुरू करने के आदेश जारी करते हुए हरियाणा सरकार को राठौड़ को निर्दोष करार दिए जाने के मामले में जवाब के साथ तलब किया है।

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पंजाब नशे की चपेट में और अफसरशाही सत्ता के नशे में

22 मार्च 2010
चंडीगढ(प्रैसवार्ता) पंजाब प्रदेश में पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग के तालमेल होने के चलते पूरा राज्य नशे की चपेट में गया है और नशा माफिया इस कदर हावी हो गया है कि सरकार चाह कर भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। अफसरशाही सत्ता के नशे में भ्रष्टाचार की बैसाखी पर खडी हुई है, राजनेताओं की आंखो में अफसरशाही की पट्टियां बांधी हुई है और कानूनी अडचनों में पुलिस प्रशासन को बेवसी जामा पहनाया हुआ है-जिस कारण नशा माफियों का कारोबार महंगाई की तरह निरंतर बढ़ रहा है। 'प्रैसवार्ता' द्वारा एकत्रित की गई जानकारी अनुसार नशीली दवाइयों की बिक्री करने वालों का निरीक्षण कार्यवाही करने का अधिकार ड्रग इन्सपैक्टरों के पास है और उनकी मांग पर पुलिसिया तंत्र सहायक बनता है। राज्य में शायद ही ऐसा कोई ड्रॅग इंसपैक्टर होगा, जो नशा माफिया गिरोह से जुडा हो। प्रदेश में ऐसे मैडीकल स्टोरों की कमी नहीं है, जिनके पास लाईसैंस तक नहीं है या फिर किराये के लाईसैंस है, जोकि राज्य सरकार के कानूनी नियमों की उल्लंघना के दायरे में आते है, मगर भ्रष्टाचारी पतंग या सत्तापक्ष का प्रभाव उनका बाल भी बांका नहीं होने देता। नाम छापने की शर्त पर एक मैडिकल स्टोर के संचालक ने बताया कि प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा ड्रग इंस्पैक्टर होगा, जिसके पास करोडो रूपयों की नामी-बेनामी संपति हो, क्योंकि एक-एक ड्रग इंस्पैक्टर को प्रतिमास लाखों रूपयों का सुविधा शुल्क मैडीकल स्टोर वालों से मिलता है और नशा माफिया से भागीदारी का भाग अलग से। ड्रग इंस्पैक्टरों की भ्रष्ट कमाई में मीडिया की भूमिका को भी नहीं नकारा जा सकता, क्योंकि मीडिया द्वारा दिया गया समाचार इनकी रिश्वती दर में वृद्धि कर देता है।

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विधि-विधान से दाह संस्कार नहीं

20 मार्च 2010
चंडीगढ़(प्रैसवार्ता) रेलवे प्रशासन के अनुसार प्रति वर्ष सैंकड़ों लोगों को लावारिस मानकर उनका दाह संस्कार किया जाता है-यानि विधी विधान से दाह संस्कार भी नसीब नहीं होता है। हरियाणा राज्य में पिछले चार वर्षों से 1582 के करीब ऐसे शव रहे, जिनकों अपनों का कंधा और विधी-विधान मुताबिक संस्कार भी प्राप्त नहीं हुआ। राज्य के ज्यादातर शमशानघाट तथा ज्यादातर शहरों में सामाजिक संस्थाएं जरूर मृतक का अंतिम दाह-संस्कार अपने खर्च पर करवाती है।

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कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल

19 मार्च 2010
चंडीगढ़: भारतीय मुक्केबाजी फैडरेशन ने कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में छह गोल्ड मैडल जीतने पर भारतीय मुक्केबाजों को बधाई देते हुए कहा कि इससे मुक्केबाजी फैडरेशन व प्रत्येक भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है। भारतीय मुक्केबाजी फैडरेशन के अध्यक्ष व ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि आखिर भारतीय मुक्केबाजी फैडरेशन की मेहनत रंग लाई है और भारतीय बॉक्सरों ने प्रतियोगिता में भारत को सर्वाधिक 36 अंक दिलाकर विजेता होने का श्रेय दिलाया है। भारतीय मुक्केबाजी फैडरेशन के अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि स्वर्ण पदक विजेता छह मुक्केबाजों में से चार मुक्केबाज हरियाणा से हैं और उनके इस शानदार प्रदर्शन से यह साफ हो गया है कि भारतीय खिलाडिय़ों, उनके कोच, तकनीकी स्टाफ व फैडरेशन के सदस्यों के प्रयास निरन्तर सफल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में हुई कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग में भारत ने चार गोल्ड मैडल जीते थे और इस बार फाइनल में रिंग में उतरे सभी छह भारतीय बॉक्सर गोल्ड मैडल जीतने में सफल रहे हैं। बुधवार को कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में विजेंद्र ने 75 किलोग्राम मिडल वेट वर्ग के खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड के फ्रैंक बुगलियोनी को 13-3 के अन्तर से, दिनेश कुमार ने 81 किलोग्राम के लाइट हैवी वेट वर्ग में स्कॉटलेंड के कैलम जोनसन पर वॉक ओवर हासिल करते हुए, जयभगवान ने 60 किलोग्राम के लाइट फ्लाइवेट वर्ग में बहामा के वेलेंसन नोल्स को 6-2 से और परमजीत समोटा ने 91 किलोग्राम सुपर हैवीवेट वर्ग में न्यूजीलैंड के जोसेफ पार्कर को 7-3 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। इनके अलावा सुरंजय सिंह ने 52 किलोग्राम के फ्लाइवेट वर्ग में मारिशस के ओलिवर लेविगी को नॉक आउट में व अमनदीप ने 49 किलोग्राम के लाइट फ्लाइवेट वर्ग में केनया के पीटर मुंगई को 3-0 से हराते हुए स्वर्ण पदक जीतकर देश की झोली सोने के पदकों से भर दी।

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हुड्डा सरकार प्रजातंत्र का गला घोटने पर उतारू: अजय

14 मार्च 2010
चंडीगढ़(सिटीकिंग) हुड्डा सरकार प्रजातांत्रिक प्रणाली का गला घोंटने पर तुली हुई है। जनता की आवाज उठाने वाले जन-प्रतिधियों की आवाज को लाठी व अपने तानाशाही रवैये के बल पर दबाने का प्रयास कर रही है पर इनेलो ने चौधरी देवीलाल के नक्शेकदम पर चलते हुए जनता के लिए संषर्घ करना सीखा है और वह किसी के दबाव में आने वाली नहीं है। यह बात इनेलो के प्रधान महासचिव व डबवाली से विधायक अजय सिंह चौटाला ने कही। वे रविवार को गुडग़ांव के गांव हसलापुर में भीम सिंह ठाकरान द्वारा आयोजित एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। यहां पहुंचने पर अजय सिंह का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर अजय सिंह चौटाला ने अंतर्राष्ट्रीय बाक्सर मनोज यादव को 21 हजार रूपए की राशि देकर सम्मानित किया। जनसभा को संबोधित करते हुए पार्टी महासचिव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है और अब रक्षक ही भक्षक बन गए हैं। जनता पूरी तरह से परेशान है और उनके खून पसीने की गाढ़ी कमाई को अपने हितों के लिए इस्तेमाल कर रही है। विधायक अजय सिंह ने गुडग़ांव नगर निगम के 100 करोड़ रूपए फरीदाबाद को दिए जाने का मामला उठाते हुए कहा कि हुड्डा सरकार दिल्ली में बैठे अपने आकाओं को खुश करने के लिए ऐसे फैसले ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि फरीदाबाद में एक विशेष व्यक्ति द्वारा काटी जा रही कालोनियों को विकसित करने के लिए गुडग़ांव का पैसा वहां भेजा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के हितों अनदेखी करके प्रदेश का बिजली व पानी भी दिल्ली को दिया जा रहा है ताकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को खुश रखा जा सके।

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इनेलो ने किए हुड्डा सरकार पर तीखे प्रहार

11 मार्च 2010
चंडीगढ़(सिटीकिंग) इनेलो ने सेज के नाम पर रिलायंस को जमीन देने, भूमि अधिग्रहण व रिलीज घोटालों, वैट की दर बढ़ाने और वैट पर सरचार्ज लगाने, खाद की कमी, यमुनानगर ताप बिजली घर घोटाला, मानेसर में श्रमिक आवास सम्बन्धी भूमि घोटाले, गन्ने के भाव के दावों सहित अनेक मुद्दों पर आज हरियाणा विधानसभा में सरकार पर तीखे प्रहार किए। इनेलो प्रमुख व हरियाणा के पूर्व मुख्यमन्त्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने बजट पर चर्चा के दौरान हुड्डा सरकार द्वारा औद्योगिक विकास निगम की डेढ हजार एकड़ जमीन रिलायंस को सेज के नाम पर कौडिय़ों के भाव दिए जाने को प्रदेश का सबसे बड़ा घोटाला बताते हुए मुख्यमन्त्री से इस बारे में श्वेत पत्र जारी किए जाने की मांग की। श्री चौटाला आज बजट पर चर्चा के दौरान पूरी तरह से सदन में छाए रहे और बीच-बीच में उनकी विपक्षी सदस्यों के साथ निरन्तर नोक-झोंक भी होती रही। इनेलो प्रमुख ने कहा कि वित्त मन्त्री ने अपने बजट भाषण में कहा है कि प्रदेश की जनता ने हमारे कार्य की सराहना की और हमारी सरकार को ऐतिहासिक जनादेश के साथ दोबारा सत्तारूढ़ किया है। श्री चौटाला ने कहा कि वास्तविकता यह है कि इन चुनावों में कांग्रेस अपने चुनाव चिह्न पर सिर्फ 40 सीटों पर जीती है और मौजूदा सरकार जोड़-तोड़ की सरकार है। उन्होंने प्रदेश पर बढ़ रहे कर्जे पर चिन्ता जताते हुए कहा कि जब हमने सरकार छोड़ी थी तो उस समय हरियाणा बनने से लेकर वर्ष 2004-05 तक प्रदेश की देनदारियां 23319 करोड़ रुपए की जो अगले साल के प्रस्तावित बजट अनुमानों में बढ़कर 44516 करोड़ रुपए हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि अगर यही सिलसिला जारी रहा तो अगले पांच सालों में प्रदेश के लोगों का एक-एक बाल कर्जदार होगा। इनेलो प्रमुख ने कहा कि कर्जा विकास के लिए लिया जाता है और प्रदेश में विकास के नाम पर कहीं ईंट नहीं लगी। विपक्ष के नेता ने कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा नए सेक्टर विकसित किए जाते हैं जो सस्ते होने के साथ-साथ वहां लोगों को ज्यादा सुविधाएं भी मिलती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख शहरों में हुडा ने जमीन अधिग्रहण के नाम पर सेक्शन-4 के नोटिस तो दिए और बाद में उन जमीनों को औने-पौने दामों पर प्राइवेट बिल्डरों को खरीदवाकर उन्हें वही जमीनें रिलीज करने के साथ ही लाइसेंस भी जारी कर दिए गए। उन्होंने कहा कि सेज के नाम पर किसानों की बेशकीमती जमीनें बड़े-बड़े औद्योगिक घरानों को दे दी गई और कहा गया कि लाखों लोगों को इसमें रोजगार मिलेगा। आज सरकार 46 एसईजेड मंजूर किए जाने की बात करती है लेकिन कहीं एक भी एसईजेड में कोई उद्योग नहीं लगा, कहीं किसी चिमनी से धुआं निकलते नजर नहीं आता और न ही किसी को अब तक रोजगार मिला है। श्री चौटाला ने कहा कि गुडग़ांव की बेहद कीमती डेढ़ हजार एकड़ जमीन मात्र 370 करोड़़ रुपए में रिलायंस को दे दी गई जबकि इसके साथ लगती औद्योगिक विकास निगम की मानेसर में चार एकड़ जमीन 290 करोड़ रुपए में बिकी है। उन्होंने कहा कि उस जमीन पर मात्र तारें लगाई गई हैं और आज भी वहां हरियाणा पुलिस पहरा दे रही है। उन्होंने कहा कि सेज के नाम पर जिन किसानों की जमीनें बड़े-बड़े बिल्डरों द्वारा खरीदी गई थी उन किसानों को हर साल मुआवजा देने की भी बात कही गई थी लेकिन अभी तक किसानों को सालाना मुआवजा नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि एक अन्य प्राइवेट बिल्डर को 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत की सरकारी अधिग्रहण की गई 300 एकड़ गुडग़ांव की जमीन को सिंगल टेंडर पर मात्र डेढ़ हजार करोड़ रुपए में दे दिया गया और ऐसे ही अनेक अन्य घपले भी किए गए। उन्होंने मानेसर श्रमिक कॉलोनी के लिए अधिग्रहण की जाने वाली जमीन की अधिग्रहण प्रक्रिया बन्द करने में किए गए घोटाले की जांच की भी मांग की। विधानसभा में विपक्ष के नेता पूरी तरह से आज सदन में छाए रहे और एक-एक मुद्दे पर सरकार को निरन्तर कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास निगम द्वारा उद्योग लगाने के लिए ऐसे लोगों को प्लॉट दे दिए गए जिनका उद्योगों से कोई वास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा मौजूदा सरकार के कार्यकाल में जमीन अधिग्रहण करके प्रमुख शहरों में कहीं कोई सेक्टर नहीं काटे गए। उन्होंने कहा कि जमीनों के अधिग्रहण व रिलीज के अनेक मामले आज भी अदालत में लम्बित हैं और कई मामलों में अदालत ने सरकार के खिलाफ तीखी टिप्पणियां भी की हैं। इनेलो प्रमुख ने कहा कि किसानों को फसल पकाने के लिए बिजली व पानी नहीं मिला और अगर बारिश या डीजल खर्च करके किसान ने फसल को पका लिया तो उसे खाद के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार के समय किसान को बिजाई के वक्त डीएपी और फसल पकाने के समय यूरिया खाद नहीं मिली और एक-एक थैला खाद लेने के लिए किसानों को हाथ में राशन कार्ड लेकर खड़े रहना पड़ा और मण्डी में फसल बेचने गए किसान को भी साथ फर्द लेकर जाना पड़ा ताकि वह यह साबित कर सके कि यह उसकी ही फसल है। उन्होंने कहा कि तीन-तीन महीने तक लोगों को पानी नहीं मिला और प्रदेश के जलघरों में एक विधानसभा क्षेत्र विशेष के लोगों को पम्प ऑपरेटर लगाया गया जो वहां रहते ही नहीं। उन्होंने कहा कि कई जगह लोगों को पीने का पानी राजस्थान से लाकर भी पीना पड़ा और कई जगह गंदा पानी भी पीने को मिला। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टर व दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हैं। श्री चौटाला ने कहा कि बिजली उत्पादन को लेकर सरकार बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन वास्तविकता यही है कि इनेलो के कार्यकाल में बिजली का उत्पादन बढ़ा। यमुनानगर ताप बिजली घर के निर्माण का श्रेय भी इनेलो सरकार को जाता है। उन्होंने कहा कि यमुनानगर ताप बिजली घर की आधारशिला भी उन्होंने रखी थी और इसके निर्माण का कार्य रिलायंस को दिया गया था। उन्होंने कहा कि रिलायंस ने अपनी एक हिस्सेदार कम्पनी को बदलने के लिए उन्हें आवेदन दिया था जिसे उनकी सरकार ने नामंजूर कर दिया। बाद में सरकार बदलने पर रिलायंस ने कांग्रेस सरकार को आवेदन दिया जिसे फिर से नामंजूर कर दिया गया लेकिन एक महीने बाद ही उसे हिस्सेदार कम्पनी बदलने की इजाजत दे दी गई, इस बारे में सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। इनेलो प्रमुख ने कहा कि जब हुड्डा सरकार रिलायंस को कम्पनी बदलने की इजाजत देने जा रही थी तो उन्होंने सरकार को रचनात्मक सुझाव देते हुए मुख्यमन्त्री को एक पत्र लिखा था लेकिन मुख्यमन्त्री ने उस पत्र के जवाब में उनका मजाक उड़ाने का प्रयास किया और ऐसी भाषा में उन्हें जवाब दिया जो मुख्यमन्त्री पद पर बैठे व्यक्ति की भाषा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि आज सरकार की गलत नीतियों व गलत मशीनरी के कारण यमुनानगर ताप बिजली घर लगभग बंद पड़ा है और महालेखा नियन्त्रक की रिपोर्ट से भी हमारे आरोपों की पुष्टि हो जाती है। उन्होंने कहा कि रिलायंस के साथ हुए अनुबन्ध के अनुसार यमुनानगर ताप बिजली घर की दोनों यूनिट निर्धारित सीमा से करीब एक साल बाद में पूरी हुई। उन्होंने कहा कि अब अखबारों में खबरें छप रही हैं कि यमुनानगर ताप बिजली घर की खराबी के कारण रोजाना पांच करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। श्री चौटाला ने कहा कि अभी तक यमुनानगर ताप बिजली घर के ठीक न रहने व समय पर न चलने से 428 करोड़ यूनिट बिजली का नुकसान हो चुका है और प्लांट लोड फैक्टर जो 80 फीसदी होना चाहिए वह भी पूरा नहीं है। उन्होंने कहा कि आज किसान व आम आदमी को बिजली की भारी जरूरत है और उसे पूरी बिजली मिल नहीं रही। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ उद्योगों को बढ़ावा देने के दावे कर रही है लेकिन प्रदेश में नए उद्योग स्थापित नहीं हो रहे बल्कि पहले से स्थापित उद्योग भी पलायन की स्थिति में हैं। उन्होंने नौकरियों में भी धांधली होने का आरोप लगाया और किसानों को धान पर अभी तक बोनस की अदायगी न किए जाने का मामला भी उठाया। इनेलो प्रमुख ने कहा कि जो पार्टी वैट का विरोध करके सत्ता में आई थी उस सरकार ने वैट को बढ़ाकर न सिर्फ चार से पांच फीसदी कर दिया बल्कि वैट पर सरचार्ज भी लगा दिया। उन्होंने कहा कि सरचार्ज की दर का वित्त मन्त्री ने अपने बजट भाषण में उल्लेख नहीं किया बल्कि प्रेस गैलरी में जाकर पांच फीसदी सरचार्ज की बात कह आए। उन्होंने प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से बिगड़ी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वित्त मन्त्री ने अपने बजट भाषण में महिलाओं व युवाओं को प्रोत्साहन देने और कानून व्यवस्था की स्थिति को सुधारने का कहीं कोई उल्लेख नहीं किया। उन्होंने वित्त मन्त्री पर सदन में पेश किए जाने से पहले बजट पे्रस को लीक किए जाने का भी आरोप लगाया। श्री चौटाला ने कहा कि ग्रामीण विकास की बात करने वाली मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 98 गांवों को मॉडल गांव घोषित करके अनेक प्रकार की सुविधाएं दी गई। इनमें से सिरसा, महेंद्रगढ़ व पंचकूला सहित चार जिलों में एक भी गांव को मॉडल गांव घोषित नहीं किया गया जबकि एक संसदीय क्षेत्र के 33 गांवों को मॉडल गांव घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि देश में गन्ने के सबसे ज्यादा भाव देने का दावा करने वाली मौजूदा सरकार ने इस मामले में महामहिम को भी गुमराह किया जबकि देश के कई अन्य राज्यों में गन्ने के दाम हरियाणा से ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमन्त्री ने अपने गृह जिले में चीनी मिल का यह कहकर उद्घाटन किया कि इसमें एशिया की सबसे बढिय़ा मशीनरी लगाई गई है और वह अगले ही चंद दिनों में बन्द हो गई। उसे चलाने का प्रयास किया गया तो मात्र साढ़े चार फीसदी ही गन्ने की रिकवरी हो पाई जबकि प्रदेश में गन्ने की रिकवरी आमतौर पर साढ़े नौ से दस फीसदी के बीच रहती है। उन्होंने हिसार में मण्डी बोर्ड के लिए अधिग्रहण की गई जमीन को एक कांग्रेसी सांसद व उद्योगपति के परिवार को दिए जाने के प्रयासों का भी आरोप लगाया।

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इनेलो प्रमुखता से उठाएगी विधानसभा में जनसमस्याएं:अजय

04 मार्च 2010
चंडीगढ़(प्रैसवार्ता) आसमान छूती महंगाई, प्रदेश में बिजली-पानी संकट, बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति और सरकारी भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को इनेलो हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में प्रमुखता से उठाएगी। इनेलो ने शुक्रवार 05 मार्च को सुबह 11 बजे चंडीगढ़ में पार्टी विधायक दल की बैठक बुलाई है,जिसमें पार्टी की विधानसभा में अपनाई जाने वाली आगामी रणनीति व सदन में उठाए जाने वाले जनहित के मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता इनेलो प्रमुख व पूर्व मुख्यमन्त्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला करेंगे। यह जानकारी देते हुए इनेलो के प्रधान महासचिव व डबवाली के विधायक अजय सिंह चौटाला ने बताया कि पार्टी अन्य मुद्दों के अलावा हजकां विधायकों का कांग्रेस में दलबदल करवाने, प्रदेश की गम्भीर आर्थिक स्थिति, प्रदेश के सभी कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों अनुसार लागू किए गए आधे-अधूरे वेतनमानों की बकाया राशि का अभी तक भुगतान न होने व हुड्डा सरकार की झूठी घोषणाएं व जनविरोधी नीतियों पर सरकार से जवाबदेही मांगेगी। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता ने कांग्रेस के खिलाफ जनादेश दिया था और दलबदल व खरीदोफरोख्त के बलबूते सत्ता में आई कांग्रेस सरकार को प्रदेश की जनता किसी भी कीमत पर सहन करने के लिए तैयार नहीं है और यह बात ऐलनाबाद उपचुनाव के नतीजे से भी पूरी तरह साफ हो गई है। अजय सिंह चौटाला ने कहा कि कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों के कारण आज प्रदेश गम्भीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है और सरकार दिवालिएपन के कगार पर है। इनेलो नेता ने कहा कि हुड्डा सरकार ने कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करते समय उनकी बकाया राशि की 60 फीसदी रकम का भुगतान मौजूदा साल में करना था लेकिन कर्मचारियों को बकाया देने की बजाय यह कह दिया गया कि आधी राशि यानी 30 फीसदी बकाया राशि इस साल फरवरी महीने में व बाकी 30 फीसदी अगले साल दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस साल फरवरी में कर्मचारियों को जो 30 फीसदी बकाया राशि अदा की जानी थी उसका भुगतान भी अभी तक प्रदेश के ज्यादातर कर्मचारियों को नहीं किया गया है और फरवरी गुजर जाने के बाद अब मौजूदा वित्तीय वर्ष का आखिरी महीना मार्च चल रहा है। इनेलो नेता ने कहा कि आज प्रदेश का हर वर्ग कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों के कारण बेहद परेशान है और आसमान छूती महंगाई के दौर में केन्द्र सरकार ने पेट्रोल व डीजल के दामों के साथ-साथ खाद, सीमेंट, कोयला व लोहे की दामों में बढ़ौतरी करके महंगाई और बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की कीमतों को घटाने के लिए कहीं कोई प्रयास नहीं किए जा रहे और कांग्रेस किसान व गरीब वर्ग को पूरी तरह से तबाह करने पर तुली हुई है। इनेलो नेता ने कहा कि हुड्डा सरकार पहले बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में तुगलकी फैसले करती है और बाद में उसे उन्हीं फैसलों को वापिस लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। अजय सिंह चौटाला ने हुड्डा सरकार द्वारा लिपिकों की भर्ती योग्यता स्नातक करने का फैसला वापिस लिए जाने को इनेलो की जीत बताते हुए कहा कि सरकार पहले बिना सोचे-समझे फैसले करती है और फैसलों की गैर व्यवहारिकता सामने आने के बाद उसे तुरन्त अपने फैसले वापिस लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। अजय सिंह चौटाला ने कहा कि इनेलो के दबाव में सरकार को क्लर्क, स्टेनो टाइपिस्ट व स्टेनोग्राफर की भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता जो बढ़ाकर स्नातक की गई थी उसे वापिस 18 साल पहले वाली ही करना पड़ा है। इनेलो नेता ने कहा कि हुड्डा सरकार ने क्लर्क की न्यूनतम योग्यता तो बढ़ाकर स्नातक कर दी थी लेकिन लिपिक के वेतनमानों में कोई बढ़ौतरी नहीं की गई थी। इनेलो नेता ने कहा कि आईएएस, आईपीएस व एचसीएस के लिए भी न्यूनतम योग्यता स्नातक है। ऐसे में लिपिक व आईएएस की न्यूनतम योग्यता को एकसमान करना किसी भी मायने से तर्कसंगत नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी वर्ग ऐसे हैं जिनकी न्यूनतम योग्यता स्नातक से कम है और वेतनमान क्लर्क से ज्यादा है। ऐसे में क्लर्कों के वेतनमान बढ़ाए बगैर उनकी न्यूनतम योग्यता बढ़ाना पूरी तरह से गलत व अनुचित था।

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पंजाब में मनरेगा के तहत श्रम कानूनों की उल्लंघना

चंडीगढ़(प्रैसवार्ता) मनरेगा के तहत पंजाब केंद्र सरकार द्वारा तय से कम मजदूरी की उल्लघंना करके श्रम कानूनों की अनदेखी कर रहा है, वहीं हरियाणा सरकार द्वारा मनरेगा के तहत देश में सबसे अधिक मजदूरी दी जा रही है। यही नहीं हरियाणा इस योजना के तहत सालाना 10 करोड़ का बोझ सहन करने को तैयार है, परंतु पंजाब सरकार इसके बेखबर बनी हुई है। स्थिति इसलिए पैदा हुई हैैं, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा तय गई मजदूरी और राज्यों की न्यूनतम मजदूरी में अंतर है। मनरेगा के तहत केंद्र सरकार ने मजदूरी को नोटिफाई की है। इसमें हरियाणा की मजदूरी 141.02 पैसे है, जबकि पंजाब की 123 रुपए। पर दूसरी तरफ पंजाब में न्यूनतम मजदूरी 137 रुपए प्रतिदिन है, जबकि हरियाणा में 151 रुपए प्रतिदिन है। इस प्रकार मनरेगा की मजदूरी और राज्यों के न्यूनतम वेतन के हिसाब से पंजाब में 14 रुपए और हरियाणा में 10 रुपए का अंतर है। हरियाणा तो नरेगा के तहत 10 रुपए मजदूरी में जोड़कर 151 रुपए दिहाड़ी दे रहा है। पंजाब सरकार ने ग्र्रामीण विकास मंत्रालय को पत्र लिखकर पंजाब में मनरेगा की दिहाड़ी 137 रुपए करने की मांग की है। ख्याल रहे कि मनरेगा के तहत दिहाड़ी हर राज्य में अलग-अलग है। हरियाणा सरकार अपनी तरफ से मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों को 10 रुपए अतिरिक्त दे रही है। पर साथ ही इस समस्या के संबंध में हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्रीय ग्र्रामीण विकास मंत्री सीपी जोशी को पत्र भी लिखा है। हुड्डा ने पत्र में लिखा कि इस व्यवस्था से हरियाणा पर 10 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हरियाणा ने प्रदेश की जमीनी हकीकतों के मद्देनजर हरियाणा ने न्यूनतम वेतन 151 रुपए प्रतिदिन किया है। पर केंद्र सरकार हरियाणा में नरेगा के तहत काम करने वालों को 141 रुपए प्रतिदिन वेतन दे रही है। इससे हरियाणा में न्यूनतम वेतन की खिलाफवरजी होगी। हुड्डा ने अपने पत्र में मंत्रालय से गुजारिश की कि मनरेगा के तहत न्यूनतम वेतन तय करने की नीति पर पुनर्विचार किया जाए। हरियाणा इस समय देश में सबसे अधिक न्यूनतम वेतन दे रहा है। हरियाणा का 151 रुपए प्रतिदिन न्यूनतम वेतन(नरेगा मजदूरी) देशभर में सबसे अधिक है। हरियाणा के पड़ोसी राज्यों में पंजाब 100 रुपए,चंडीगढ़ 140 रुपए और हिमाचल 100 रुपए प्रतिदिन नरेगा की प्रतिदिन मजदूरी दी जाती है।

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ऐलनाबाद के मतदाताओं ने जो मुझे सम्मान दिया है, उसका सदा आभारी रहूंगा: मुन्ना भाई

14 फरवरी 2010

चंडीगढ़(सिटीकिंग) ऐलनाबाद के लोग जब भी मुझे याद किया करेंगे मैं हमेशा उनके एक ही संदेश पर यहां पहुंच जाया करुंगा। यहां के लोगों ने मेरा मान-सम्मान रखा और मैं यहां की जनता के मान-सम्मान को कभी ठेस नहीं लगने दूंगा। यह बात सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेता व मुन्ना भाई के नाम से जाने जाते संजय दत्त ने आज ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र के लोगों को सम्बोधित करते हुए कही। संजय दत्त ऐलनाबाद उपचुनाव में इनेलो प्रत्याशी अभय सिंह चौटाला की जीत पर लोगों का आभार व्यक्त करने के लिए अपने दो दिवसीय दौरे पर यहां आए हुए थे। मुन्ना भाई चुनाव के दौरान भी ऐलनाबाद में लोगों से अभय सिंह के पक्ष में मतदान करने की अपील करने आए थे और वायदा करके गए थे कि अभय चौटाला की जीत के बाद वे एक बार फिर लोगों का आभार व्यक्त करने के लिए यहां आएंगे। मुन्ना भाई ने अपना वायदा निभाते हुए आज ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र के करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांवों व ऐलनाबाद कस्बे का दौरा करते हुए लोगों का आभार जताया। संयोग से आज अभय सिंह चौटाला का जन्मदिन भी था और ऐलनाबाद से नवनिर्वाचित इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने अपना जन्म दिन समाज सेवा को समर्पित करते हुए कहा कि वे हमेशा अपना जन्म दिन लोगों के बीच रहकर और उनके दुख-दर्द व समस्याएं दूर करके मनाया करेंगे। इनेलो के प्रधान महासचिव व डबवाली के विधायक अजय सिंह चौटाला व संजय दत्त सहित हजारों लोगों ने आज सुबह अभय सिंह चौटाला को जन्म दिन की बधाई देते हुए उनकी लम्बी उम्र की कामना की। इस अवसर पर अजय सिंह चौटाला व संजय दत्त ने ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला की वेबसाइट भी लांच की। आज इनेलो कार्यकत्र्ताओं ने प्रदेशभर में जगह-जगह रक्तदान शिविर, सफाई अभियान, वृक्षारोपण व गरीब कन्याओं की सामूहिक शादियां आयोजित करके ऐलनाबाद के नवनिर्वाचित विधायक का जन्म दिवस मनाया। संजय दत्त जैसे ही लोगों के बीच पहुंचकर जैसे ही माइक पर मुन्ना भाई की तरफ से सभी भाइयों को राम-राम कहते तो लोग गर्मजोशी से संजय दत्त का जोरदार स्वागत करते। ऐलनाबाद क्षेत्र के लोगों को सम्बोधित करते हुए संजय दत्त ने कहा कि चुनावों से पूर्व उन्होंने क्षेत्र की जनता से अभयसिंह चौटाला को जिताने का आह्वान किया था। ऐलनाबाद क्षेत्र की जनता ने उनकी बात को मानकर अभयसिंह चौटाला को अपना जनप्रतिनिधि चुना है। जिसके लिए पूरे क्षेत्रवासी बधाई एवं आभार के पात्र हंै। उन्होंने कहा कि चौटाला परिवार से से उनके पारिवारिक रिश्ते हैं तथा वे तथा अभयसिंह चौटाला दोनों आपस में भाई के समान हैं। चुनावों से पूर्व उन्होंने लोगों से वादा किया था कि वे अभयसिंह की जीत के बाद क्षेत्र की जनता का आभार जताने आएंगे। इसलिए आज उन्होंने अपना वादा पूरा कर दिया है। संजय दत्त ने उम्मीद जताई की अभयसिंह ऐलनाबाद क्षेत्र की प्रत्येक छोटी-बड़ी जनसमस्या को दूर करेंगे। उन्होंने लोगों से एक बार पुन: आह्वान किया कि वे हर बार चुनावों में अभयसिंह चौटाला को जिताएं। संजय दत्त ने लोगों की फरमाइश पर अपनी फिल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस व लगे रहो मुन्ना भाई सहित अनेक फिल्मों के डायलॉग भी सुनाए जिस पर उपस्थित लोगों की भीड़ ने खूब तालियां बजाई। उन्होंने फिल्मी अंदाज में लोगों से कहा कि अब 'यहां के लोग मुन्नाभाई हैं और वे स्वयं सर्किट'। उन्होंने कहा कि चुनावों से पूर्व कांग्रेस की ओर से जो बहुरूपिये नेता यहां लोगों को झूठे आश्वासन देने आए थे वे अब भाग चुके हैं। आज संजय दत्त को देखने व सुनने के लिए सभी गांवों व कस्बों में सड़क के दोनों ओर हजारों लोग सुबह से ही जमा थे और जैसे ही संजय दत्त, अभय चौटाला व अजय चौटाला एक विशेष बस में सवार होकर लोगों के बीच पहुंचे तो लोगों ने तालियों की गडग़ड़ाहट व गगनभेदी नारों से उनका स्वागत किया। संजय दत्त ने आज गांव अरनियांवाली, दडवा, नाथुसरी, कागदाना, जमाल गुडिया, माधोसिंघाणा, मल्लेका, पोहड़का व ऐलनाबाद सहित अनेक गांवों व कस्बों का दौरा कर लोगों का आभार जताया। उन्होंने लोगों से कहा कि अभय सिंह चौटाला से उनका राजनीतिक नहीं बल्कि पारिवारिक रिस्ता है और अभय उनके छोटे भाई हैं जिन्हें दिल से बेहद प्यार करते हैं। उन्होंने कहा कि वे जहां कहीं भी उन्हें बुलाएंगे वे हमेशा उनके लिए हाजिर रहेंगे। उन्होंने अभय सिंह को एक नेकदिल इंसान बताते हुए कहा कि वे हमेशा लोगों से किया हुआ अपना वायदा निभाया करते हैं और उन्हें उम्मीद है कि आगे भी वे इसी तरह इस क्षेत्र के लोगों की सेवा करते रहेंगे। इससे पहले इससे पूर्व विधायक अभयसिंह चौटाला ने कहा कि क्षेत्र की जनता से चुनाव से पूर्व किए गए वादे को निभाने संजय दत्त जनता के बीच मुझे जिताने पर आभार जताने आए हैं। अभयसिंह ने कहा कि ऐलनाबाद क्षेत्र की जनता की प्रत्येक छोटी-बड़ी समस्या को दूर करना उनका प्राथमिक लक्ष्य है। यहां की जनता के लिए उनके दरवाजे हर समय खुले हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वैंलटाइन-डे को मनाने को लेकर लोगों में विरोधाभास है कि इसे मनाया जाए या नहीं, लेकिन मैं युवाओं को आह्वान करता हूं कि वे इस दिन को शक्तिदिवस के रूप में मनाकर समाज के लिए रचनात्मक कार्य करें। एक प्रश्र के उतर में उन्होंने कहा कि वह ऐलनाबाद उपचुनाव के दौरान कांग्रेसियों द्वारा गैर लोकतांत्रिक ढंग से किए गए कार्यों को विधानसभा में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को पैसे देकर खरीदा गया और ये पैसे किसने बांटे और किस बैंक से आए इसका खुलासा वह खुले रूप से विधानसभा में करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐलनाबाद क्षेत्र के लोगों को उनके हक का पानी, बिजली दिलाने के लिए वह अपनी हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। इनेलो महासचिव एवं डबवाली के विधायक अजयसिंह चौटाला ने कहा कि ऐलनाबाद की जनता ने ऐलनाबाद उपचुनाव में कांग्रेस की नीतियों को आइना दिखा दिया है। लोगों ने इनेलो को जिताकर कांग्रेस के मुँह पर तमाचा मारा है। जिससे अब कांग्रेसी खेमे में भगदड़ मची हुई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही हरियाणा की कांग्रेस सरकार गिरेगी और प्रदेश में फिर से चौ. औमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में इनेलो की जनहितैषी सरकार बनेगी। इस अवसर पर रानिया के विधायक कृष्ण कम्बोज, पूर्व मन्त्री चौधरी भागीराम सहित पार्टी के अनेक प्रमुख नेता व कार्यकत्र्ता भी मौजूद थे।

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नेत्रदान एक बड़ा पुनीत कार्य: अजय चौटाला

14 फरवरी 2010
चंडीगढ(सिटीकिंग) नेत्रदान एक बड़ा पुनीत कार्य है जिसके माध्यम से हम नेत्रहीन लोगों के जीवन में उजियारा कर सकते हैं। पर नेत्र दान को लेकर हमारे समाज में अनेक प्रकार की भ्रांतियां हैं, जिन्हें दूर करना जरूरी है ताकि लोग जागरूक होकर नेत्रदान के लिए आगे आएं। यह बात इनेलो के प्रधान महासचिव व डबवाली के विधायक अजय सिंह चौटाला ने कही। वे रविवार को गांव गोरीवाला में लायंस क्लब डबवाली सुप्रीम द्वारा आयोजित निशुल्क नेत्रजांच एवं आपरेशन शिविर में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। विधायक अजय चौटाला ने कहा कि आंखों की देखभाल को लेकर हमारे समाज में आज भी जागरूकता का अभाव है और अधिकांश लोग नेत्ररोग होने पर ही इनकी जांच करवाते हैं जबकि आंखों की ज्योति बनाए रखने के लिए इनकी जांच व देखभाल शुरू से ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि आंखों की सफाई व ध्यान रखने से नेत्र रोगों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ्य आंखे हमारे जीवन के बाद भी दूसरों के जीवन में रोशनी करने का काम कर सकती हैं। पर अफसोस की बात यह है कि लोग नेत्रदान को लेकर अनेक भ्रांतियों का शिकार हैं। उन्होंने कहा कि इन भ्र्रांतियों को हम सब मिलकर व समाज सेवी संस्थाओं की मदद लेकर दूर कर सकते हैं। अजय चौटाला ने कहा कि इनेलो ने नेत्रदान को लेकर समय समय पर अभियान चलाया है और एक लाख लोगों ने अपनी आंखें दान की हैंं। उन्होंने कहा कि समाज के अन्य लोगों को भी इसका अनुकरण करते हुए मृत्यु के बाद आंखें दान का प्रण करना चाहिए जिससे लाखों नेत्रहीन लोगों के जीवन में रोशनी फैल सके। इस अवसर पर क्लब ने अजय सिंह चौटाला को क्लब के सदस्यों ने लायंस क्लब सुप्रीम की सदस्यता ग्रहण करवाई। इस शिविर में डा. मदनलाल बागला ने सैकड़ों लोगों की नेत्रों की निशुल्क जांच की और उनके आपरेशन किए। इससे पहले लायंस क्लब के प्रधान विनय सेठी ने अजय सिंह चौटाला, पूर्व विधायक डा. सीताराम सहित अन्य अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर सुभाष गुप्ता, संदीप गंगा, दयानंद घोड़ेला, कृष्ण कामरा, वजीर सिंह, ओमविष्णु, मोहनलाल, अजनीश कैनेडी, श्यामलाल गुप्ता व ओमप्रकाश कामरा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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हुड्डा सरकार पर संकट के बादल

08 फरवरी 2010
चंडीगढ़(प्रैसवार्ता) हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरमोहिन्द्र सिंह हजकां के पांच विधायकों को कांग्रेस में शामिल करने उपरांत उन्हें अंतिम नोटिस दिये जाने से सत्तारूढ़ हुड्डा सरकार पर संकट के बादल मंडराते दिखाई देने लगे हैं। हजकां विधायकों को जल्दबाजी में हजकां से बगावत करने वाले विधायकों को कानूनी विचार-विमर्श के बगैर कांग्रेस में शामिल किया जाता, तो वह यह विधायक हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जारी पहले नोटिस का ही जवाब दे देते। नोटिस से हजकां विधायकों की दूरी से संकेत मिलता है कि प्रदेश में एक साथ पांच उपचुनाव किसी भी समय हो सकते हैं।

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हरियाणा-महंगाई की मार-शराबियों को भी

08 फरवरी 2010
चंडीगढ़(प्रैसवार्ता) दैनिक रोजमर्रा की वस्तुएं तो पहले ही आसमान छू रही हैं और अब शराब के शौकीनों पर महंगाई का असर देने को मिलेगा। हरियाणा सरकार की नई शराब नीति और लाईसैंस फीस की बढ़ौत्तरी के चलते शराब ठेका का चलाना मुश्किल भरा होगा। ''प्रैसवार्ता'' द्वारा एकत्रित की गई जानकारी मुताबिक शराब के दाम 15 प्रतिशत और बीयर 20 प्रतिशत तक महंगी हो सकती है। सरकार ने देसी शराब के लाईसैंस की फीस में 10 प्रतिशत तथा अंग्रेजी शराब की फीस में 5 प्रतिशत वृद्धि की है-जबकि गुडग़ांव मंडल में अंग्रेजी शराब के ठेकों पर 8 प्रतिशत बढ़ाई गई है। शराब के ठेकेदारों का कहना है कि यदि सरकार न्यूनतम मूल्य से कम शराब बेचने वालों पर शिकंजा कसे, तो ठेकेदार भले ही कारोबार कर पायें, अन्यथा सरकार की आबकारी नीति, जहां शराब के शौकीन लोगों के साथ-साथ शराब के ठेकेदारों को किसी आर्थिक झटके से कम नहीं आंकी जायेगी, वहीं सरकार के लिए कई परेशानियां खड़ी कर सकती है। सरकार के इस निर्णय से देसी शराब की बोतल का न्यूनतम मूल्य 75 रुपये हो जायेगा, वहीं सैमीडीलैक्स शराब (रायल स्टैग, रैड नाईट) 250 रुपये तथा रैगुलर ब्रांड (ऐरीस्ट्रोकेट, डायरैक्टर स्पैशल, व्हाईट हाऊस, आफिसर चवॉयस)इत्यादि का न्यूनतम मूल्य 170 रुपये प्रति बोतल कर दिया गया है। शराब के ठेकेदारों के अनुसार यदि सरकार अवैध तथा सरकारी की शराब पर प्रतिबंध लगाने में कामयाब हो जाती है, तो सरकार की आबकारी नीति कामयाब हो सकती है, अन्यथा शराबबंदी योजना की तरह सरकार को आबकारी नीति को लेकर किए गये संशोधन में बदलाव लाने पर मजबूर होना पड़ेगा।

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निजी स्कूलों पर लगाम कसने की तैयारी

06 फरवरी 2010
चंडीगढ़(प्रैसवार्ता) हरियाणा सरकार प्रदेश भर के अराजकीय स्कूलों तथा मान्यता प्राप्त सी.बी.एस.ई व आई.पी.सी.एस.ई से संबंधित स्कूलों की सूचनाएं एकत्रित करने उपरांत नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्यवाही करने जा रही है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी अनुसार हरियाणा विद्यालय शिक्षा(संशोधन) नियमानुसार स्कूलों में छात्रों के बैठने के स्थान तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने, शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पूर्व प्रवेश फीस, ट्यूशन फीस, विद्यार्थी फंड आदि नहीं लिये जा सकेगे। एस.एल.सी. लेने वाले छात्रों से प्रवेश, दाखिला व ट्यूशन फीस नहीं वसूल की जा सकेगी। इसी के साथ पहली, छठी, नौंवी, ग्यारहवीं अथवा विद्यालय में नया प्रवेश लेने वाले छात्रों से प्रवेश फीस की वसूली पर रोक लगा दी है तथा विद्यालयों को फीस बैंक के माध्यम से जमा करवाने के निर्देश दिये गये हैं। नये नियमों के अनुसार निजी छात्रों से स्पोटर्स फंड, बाल कल्याण फंड तथा रैडक्रास फंड के अतिरिक्त किसी अन्य फंड के नाम पर वसूली वर्जित है। स्कूलों में छात्रों से वसूल की जाने वाली दाखिला व ट्यूशन फीस तथा अन्य फंड की सूची विद्यालय के सूचना पट पर लगाई जाये तथा इसकी प्रति जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय को भी उपलब्ध करवानी अनिवार्य है। राज्य सरकार उपरोक्त नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ दंडनात्मक कार्यवाही पर गंभीरता से विचार कर रही है-जिसमें स्कूल की मान्यता समाप्त तक का प्रावधान है।

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इनेलों द्वारा हजका विधायकों की सदस्यता खारिज करने के लिए याचिका दायर

4 फरवरी 2010

चंडीगढ(सिटीकिंग) इनेलो ने हजकां से दलबदल कर कांग्रेस में शामिल होने वाले पांचों विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द करवाने के लिए हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष के पास छह अलग-अलग याचिकाएं दायर करते हुए अध्यक्ष से इन विधायकों की सदस्यता तुरन्त रद्द किए जाने की मांग की है। गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष तीन याचिकाएं विधानसभा में पार्टी के उपनेता शेर सिंह बडशामी की ओर से और तीन याचिकाएं इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा की ओर से दायर की गई हैं। इनेलो के दोनों विधायकों द्वारा एक-एक याचिका सतपाल सांगवान के खिलाफ और दूसरी याचिका हजकां के तीन विधायकों राव नरेंद्र सिंह, विनोद भ्याना व जिले राम शर्मा के खिलाफ और तीसरी याचिका धर्म सिंह छोक्कर के खिलाफ दायर करते हुए दलबदल कानून के अन्तर्गत इन विधायकों की विधानसभा सदस्यता तुरन्त रद्द किए जाने की मांग की गई है। विधानसभा अध्यक्ष हरमोहिन्द्र सिंह च_ा के समक्ष आज इनेलो विधायकों द्वारा दायर की गई याचिकाओं में कहा गया कि हजकां टिकट पर चुनाव जीतकर आए सतपाल सांगवान को हजकां से निकाल दिए जाने के बाद वे दलबदल कानून के अन्तर्गत कांग्रेस में शामिल नहीं हो सकते थे और कांग्रेस में शामिल होकर उन्होंने दलबदल कानून का सीधा-सीधा उल्लंघन किया है इसलिए उनकी सदस्यता तुरन्त रद्द की जाए। दूसरी याचिका में राव नरेंद्र सिंह, विनोद भ्याना व जिले राम शर्मा के हजकां टिकट पर जीतने के बाद कांग्रेस में विलय को चुनौती देते हुए तुरन्त उनकी सदस्यता दलबदल कानून के अन्तर्गत रद्द करने की मांग की गई है। इनेलो नेताओं ने समालखा से हजकां टिकट पर विजयी विधायक धर्म सिंह छोक्कर द्वारा कांग्रेस में शामिल होने को भी अलग से चुनौती देते हुए स्पीकर से आग्रह किया गया है कि उनकी सदस्यता को तुरन्त रद्द किया जाए। स्पीकर के पास याचिकाएं दायर करने के बाद विधानसभा सचिवालय के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा व शेर सिंह बडशामी ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता ने कांग्रेस के खिलाफ जनादेश दिया था और कांग्रेस के 40 विधायकों के मुकाबले विपक्ष के 50 विधायक चुनाव जीतकर आए थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कभी भी लोकतन्त्र में विश्वास नहीं रहा और जिस तरह से प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह की कुर्सी बचाने के लिए संसद में लोकसभा के सांसदों की खरीदोफरोख्त की गई उसी तरह प्रदेश में कांग्रेस ने जनादेश का सम्मान करने की बजाय खरीदो फरोख्त के माध्यम से सत्ता पर काबिज होने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि पहले निर्दलीय विधायकों को बड़े-बड़े प्रलोभन देकर उन्हें कांग्रेस ने अपने साथ जोडऩे का प्रयास किया और इसके बावजूद जब कांग्रेस को ये लगा कि दलबदल के सहारे उनकी सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकती तो फिर हजकां के विधायकों को कांग्रेस में शामिल करने का अलोकतान्त्रिक व असंवैधानिक तरीका अपनाकर लोकतान्त्रिक मर्यादाओं का हनन किया गया। श्री बडशामी व अरोड़ा ने कहा कि मौजूदा दलबदल कानून के तहत हजकां की टिकट पर चुनाव जीतकर आए इन पांचों विधायकों को कांग्रेस में शामिल होने का कोई अधिकार नहीं था और उन्हें उम्मीद है कि विधानसभा अध्यक्ष पुरानी परम्पराओं का पालन करते हुए इन विधायकों को जल्दी ही विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य करार देंगे। उन्होंने कहा कि पहले भी इस तरह से दलबदल करने वाले विधायक विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित हो चुके हैं और इस मामले में भी उन्हें जल्द ही स्पीकर से न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि वे इस असंवैधानिक व अलोकतान्त्रिक दलबदल के खिलाफ पूरी मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ेंगे जिसमें निश्चित तौर पर लोकतन्त्र की जीत होगी और दलबदल करने वाले विधायकों की सदस्यता रद्द हो जाएगी।

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आधे से ज्यादा हरियाणवी करते हैं-नशा

03 फरवरी 2010

चंडीगढ़(प्रैसवार्ता) हरियाणा में 60 प्रतिशत लोग शराब, अफीम, गांजा, भांग, चरस, पोस्त बाऊन, शूगर, नशीले इंजैक्शन व नशीली दवाइयों का सेवन करते हैं-जबकि एक प्रतिशत महिलाएं भी नशा करती हैं। ''प्रैसवार्ता" द्वारा करवाये गये एक सर्वेक्षण अनुसार प्रदेश के लगभग सभी वर्गों व व्यवसायों से जुड़े लोग इन नशों की गिरफ्त में है। चालीस प्रतिशत लोग शराब का सेवन करते हैं, जिनमें व्यापारी, सरकारी कर्मचारी, कृषक व मजदूर वर्ग विशेष भूमिका रखते हैं। प्रदेश का करीब 60 प्रतिशत युवा वर्ग शराब, धूम्रपान तथा नशीले पदार्थों का सेवन करता है, मगर शराब सेवन को युवा वर्ग में स्टेटस सिंबल माना जाता है। इसी स्टेट्स सिंबल को बनये रखने के लिए युवा वर्ग का रूझान अपराध जगत की ओर बढ़ऩे लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बंसीलाल ने युवा वर्ग की अपराधिक प्रवृत्ति पर रोक लगाने व समाज को नशे की लत से मुक्त कराने के लिए शराब बंदी लागू की थी, मगर उसमें सरकार सफल नहीं हो पाई थी। शराब बंदी के दौरान युवा वर्ग व अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने लग गये थे और बाद में वह कई घातक नशों का शिकार होकर नशेड़ी बन गये।

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आगामी बजट सत्र में इनेलो विधायक पूरी तैयारी के साथ विधानसभा में आएंगे: अजय चौटाला

02 फरवरी 2010
चंडीगढ़(सिटीकिंग) इनेलो प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति, आसमान छूती महंगाई, बिजली-पानी संकट और हुड्डा सरकार के भ्रष्टाचार को आगामी विधानसभा बजट सत्र में जोरदार तरीके से उठाएगी। यह निर्णय इनेलो विधायक दल की मंगलवार को यहां हुई बैठक में लिया गया। बैठक में विधायक दल के उपनेता शेर सिंह बडशामी, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, प्रधान महासचिव अजय सिंह चौटाला, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा व कृष्ण पंवार सहित पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में लिए गए फैसलों व किए गए व्यापक विचारविमर्श की जानकारी देते हुए पार्टी के प्रधान महासचिव अजय सिंह चौटाला ने बताया कि आगामी बजट सत्र में इनेलो विधायक पूरी तैयारी के साथ विधानसभा में आएंगे और प्रदेश की भ्रष्ट व निकम्मी सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के किसानों की हालत बेहद खराब है और खाद व बिजली-पानी न मिलने से किसानों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नौकरियों के अभाव और विकास व नौकरियों के मामले में हुड्डा सरकार द्वारा अपनाए जा रहे भेदभाव व क्षेत्रवाद को लेकर प्रदेश के लोगों में भारी गुस्सा और रोष पाया जा रहा है और लोग जल्दी से जल्दी इस सरकार से निजात पाना चाहते हैं। इनेलो नेता ने कहा कि महंगाई के कारण गरीब आदमी पूरा दिन मेहनत करने के बाद भी अपने परिवार के साथ दो वक्त दाल रोटी भी नहीं खा सकता और सरकार महंगाई पर काबू पाने की बजाय कालाबाजारी को बढ़ावा देने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि आज कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है और हत्या, बलात्कार, अपहरण, फिरौती, लूटपाट व डकैती की घटनाओं में भारी इजाफा हो रहा है और हर कोई अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नालायकी के चलते पंचायती आदेशों के नाम पर तुगलकी फैसले सुनाए जा रहे हैं और पति-पत्नी जिनके घर में आगे बच्चे भी हो गए हैं, उन्हें भाई-बहन की तरह रहने के आदेश दिए जा रहे हैं और सरकार हाथ पर हाथ रखे बैठी है। अजय सिंह चौटाला ने कहा कि बड़े औद्योगिक घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए गुडग़ांव व पानीपत सर्कल में बिजली वितरण का काम फे्रंचाइजी के नाम पर निजी हाथों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली निगमों के निजीकरण करने के मामले में यह दलील दी जा रही है कि इससे बिजली चोरी रुकेगी और राजस्व की वसूली में बढ़ोतरी होगी। इनेलो नेता ने कहा कि प्रदेश के गुडग़ांव व पानीपत बिजली सर्कल न सिर्फ राजस्व वसूली में सबसे श्रेष्ठ हैं बल्कि इन क्षेत्रों में बिजली के लाइन लॉस भी प्रदेश में सबसे कम हैं। उन्होंने कहा कि अगर इसी दलील के आधार पर बिजली सर्कल की फ्रेंचाइजी निजी कम्पनियों को देनी है तो मुख्यमन्त्री को सबसे पहले रोहतक जैसे बिजली सर्कलों का काम निजी कम्पनियों को सौंपना चाहिए जहां बिजली वसूली सबसे कम है और लाइन लॉस के नाम पर प्रदेश में सबसे ज्यादा बिजली चोरी होती है। डबवाली के इनेलो विधायक ने विधानसभा द्वारा दलबदल कर हजकां से कांग्रेस में शामिल होने वाले विधायकों को दिए गए नोटिस अभी तक उन्हें रिसीव न होने व इससे पहले भी बिना रिसीव वापिस आने को बेहद हास्यास्पद बताते हुए कहा कि ये सभी विधायक विधानसभा की विभिन्न कमेटियों के सदस्य हैं और नियमित रूप से विधानसभा की कमेटी बैठकों में हिस्सा लेने आते हैं। उन्होंने कहा कि कमेटी बैठकों में आए हुए इन विधायकों को कभी भी नोटिस थमाए जा सकते हैं लेकिन जानबूझकर इस मामले को लटकाने के प्रयासों तहत मिलीभगत के तहत यह सबकुछ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इनेलो इन विधायकों की सदस्यता रद्द करवाने के लिए हर सम्भव प्रयास करेगी और मौजूदा दलबदल कानून के तहत इन विधायकों की सदस्यता रद्द होना तय है।
इनेलो विधायक दल की बैठक में अशोक अरोड़ा, अजय सिंह चौटाला, शेर सिंह बडशामी, रामपाल माजरा, कृष्ण पंवार, पुन्हाना के विधायक मोहम्मद इलियास, सरोज मोर (नारनौंद), प्रदीप चौधरी (कालका), परमिन्दर ढुल (जुलाना), रघुबीर छिल्लर (बाढड़ा), राजबीर मुलाना, डॉ. हरिचंद मिड्ढा (जीन्द), सुभाष चौधरी (पलवल), कलीराम पटवारी (सफीदों), धर्मपाल ओबरा (लोहारू), डॉ. अशोक कश्यप (इन्द्री), नरेंद्र सांगवान (घरौंडा), बिशन लाल सैनी (रादौर), राव बहादुर सिंह (नांगल चौधरी), गंगा राम (पटौदी), नानूराम गोंदर (नीलोखेड़ी), फूल सिंह खेड़ी (गुहला), नसीम अहमद (फिरोजपुर झिरका) व पिरथी सिंह नंबरदार (नरवाना) के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय सचिव आरएस चौधरी, डॉ. केसी बांगड़ व एमएस मलिक सहित अनेक प्रमुख नेताओं ने भी हिस्सा लिया।

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इनेलो ने की भू-माफिया के खिलाफ आंदोलन की घोषणा

01 फरवरी 2010
चंडीगढ़(सिटीकिंग) इनेलो ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति, बढ़ती महंगाई, लूटपाट, हत्या, बलात्कार की बढ़ती घटनाओं और सरकारी संरक्षण में पनप रहे भू-माफिया के खिलाफ आन्दोलन चलाने का निर्णय लिया है। इनेलो की ओर से शुरू किए जा रहे राज्यव्यापी आन्दोलन के अन्तर्गत पार्टी की ओर से 5 फरवरी को प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय पार्टी राज्य कार्यकारिणी की आज कैथल में हुई बैठक में लिया गया। पार्टी बैठक में इनेलो द्वारा शुरू किए गए सदस्यता अभियान की समीक्षा की गई और इसे 28 फरवरी तक जारी रखने का निर्णय लिया गया और नगरपालिका व नगरपरिषद चुनावों के सम्बन्ध में सभी शहरों में पांच सदस्यीय कमेटियां गठित करने का भी फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने की और पार्टी में इनेलो के प्रधान महासचिव अजय सिंह चौटाला, ऐलनाबाद से नवनिर्वाचित विधायक अभय सिंह चौटाला, पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह बडशामी, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा व जिला इनेलो अध्यक्ष कैलाश भगत सहित पार्टी के सभी विधायकों, राज्य कार्यकारिणी सदस्यों, पदाधिकारियों, विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजकों व पार्टी के जिलाध्यक्षों ने भी हिस्सा लिया। पार्टी की ओर से 5 फरवरी को किए जा रहे रोष प्रदर्शन के बाद विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सम्बन्धित आलाधिकारियों के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर महंगाई को तुरन्त काबू किए जाने, लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सब्सिडी के आधार पर खाद्य वस्तुएं उपलब्ध करवाने, बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति सुधारने और लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने की मांग की जाएगी। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए विधायक एवं पार्टी के प्रधान महासचिव अजय चौटाला ने आज सरकार को आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि पैसे के बलबूते पर ऐलनाबाद उप चुनाव जीतने का मुख्यमंत्री का सपना वहां की जनता ने चकनाचूर कर दिया है। ऐलनाबाद से नवनिर्वाचित विधायक अभय सिंह चौटाला ने भी कांग्रेस की जनविरोधी सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए ऐलनाबाद उपचुनाव में पार्टी की जीत के लिए प्रदेश की जनता और पार्टी कार्यकत्र्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि नैतिकता के नाते मुख्यमन्त्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को एक पल भी अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक व लोकतान्त्रिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि खरीदो फरोख्त व दलबदल के सहारे बनी हुड्डा सरकार अपने ही बोझ के कारण ज्यादा दिनों तक सत्ता में नहीं रह पाएगी। अजय सिंह ने घोषणा की है कि पार्टी संगठन को और ज्यादा मजबूत बनाने व पार्टी की सक्रियता बढ़ाने के लिए हर नगरपालिका क्षेत्र में 5 ऐसे सक्रिय पदाधिकारियों की कमेटी बनाई जाएगी। जो स्वयं चुनाव न लडऩा चाहते हों, लेकिन वे यह सर्वेक्षण करेंगे कि पार्टी का कौन बढिय़ा व्यक्ति चुनाव के योग्य है। इसी प्रकार गांवों में पंचायत, ब्लाक समिति, जिला परिषद चुनावों के निकट भविष्य में होने की संभावना को लेकर उन्होंने कार्यकत्र्ताओं का आह्वान किया कि वे घर-घर जाकर सम्मानित जनता से रूबरू होकर उनके दुख-दर्द में भागीदार बनें। उन्होंने कार्यकत्र्ताओं को स्पष्ट कहा कि हर समय जनता के बीच में रहकर उनकी समस्याओं को जानें व जहां जरूरी हो पार्टी नेतृत्व को सूचना दें। उन्होंने 2 से 9 फरवरी तक गांवों में मतदाता सूचियों में होने वाली संशोधनों, दावों और प्रति दावों के प्रति सजग रहने तथा योग्य मतदाताओं जिनके अभी तक वोट नहीं बन पाए हैं उन सबके वोट बनवाने की जिम्मेदारी भी कार्यकत्र्ताओं को सौंपी। अजय सिंह चौटाला ने प्रदेश में दिनोंदिन बढ़ रही महंगाई के बारे में चिंता व्यक्त की और सरकार द्वारा महंगाई रोकने में असमर्थ रहने पर सरकार की निंदा की। उन्होंने कहा कि आम आदमी की थाली में निवाला कम होता जा रहा है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में 100 से 150 प्रतिशत की बढ़ौत्तरी हुई है। कांग्रेस सरकार को आम आदमी की बिगड़ती आर्थिक दशा की कोई चिंता नहीं है। पार्टी ने अपना सदस्यता अभियान 28 फरवरी तक बढ़ा दिया है। पार्टी अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में 15 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अरोड़ा ने ऐलनाबाद चुनाव में पार्टी कार्यकत्र्ताओं की मेहनत की प्रशंसा की और कहा कि हमने चुनाव ओमप्रकाश चौटाला की लोकप्रियता और संगठन के बलबूते पर जीता है। इनेलो कार्यकारिणी ने सरकार की महंगाई रोकने में विफलता, ऐलनाबाद उप चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग, आदर्श चुनाव आचार संहिता की उल्लंघना, यूरिया खाद, रसोई गैस, कीटनाशकों की कमी व कालाबाजारी के संबंध में प्रस्ताव पारित कर सरकार की निंदा की गई। आज की बैठक की शुरूआत में पश्चिमी बंगाल के मुख्यमंत्री ज्योति बसु, पूर्व सांसद तारा सिंह, शेरुखेड़ी गांव के 8 लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत, मनीराम झोरड़, कृष्ण जाखड़, भरत सिंह औढ़ां, महेंद्र सिंह नलवी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया तथा दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। आज की बैठक में अनेक कार्यकत्र्ताओं ने संगठन की मजबूती के बारे में जहां महत्वपूर्ण सुझाव दिए, वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी कार्यकारिणी को संबोधित किया। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा और राष्ट्रीय महासचिव एवं विधायक अजय सिंह चौटाला ने एक संयुक्त पत्रकार सम्मेलन को संबोधित किया। अजय ने आरोप लगाया कि हुड्डा शासनकाल में लोकतंत्र का गला घोटा जा रहा है। प्रजातंत्र में जनप्रतिनिधियों को जनता की आवाज उठाने के लिए विधानसभा, लोकसभा और राज्य सभा जैसे मंच प्राप्त है लेकिन हरियाणा में हुड्डा नेे लोकतंत्र को खत्म करने के लिए गैर लोकतांत्रिक हथकंडे अपनाए हैं जिसका ताजा उदाहरण यह है कि विधानसभा चुनाव के बाद सदन में एक ही दिन में विधायकों को शपथ दिलाई गई, अध्यक्ष चुना गया और विश्वास मत हासिल कर लिया। विधायकों को जनता की आवाज उठाने का अवसर नहीं दिया गया, जो लोकतांत्रिक प्रणाली में सबसे खतरनाक हरकत है। उन्होंने कहा कि इनेलो अगले सत्र में सरकार को विभिन्न जनविरोधी नीतियों के कारण घेरने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कार्यकत्र्ताओं का आह्वान किया कि वे सरकारी संरक्षण में हुए घोटालों, भ्रष्टाचार, लूटपाट, हत्या-बलात्कार जैसी घटनाओं के आंकड़े एकत्र करें और पार्टी मुख्यालय को पहुंचाएं ताकि आम जनता की आवाज को सदन में उठाया जा सके। हुड्डा से सवाल करते हुए अजय चौटाला ने कहा कि हाल ही में गुडग़ांव में सरकारी भूमि पर बनाया गया आडिटोरियम किसी निजी व्यक्ति को कैसे सौंपा गया, सरकार स्पष्ट करे, क्योंकि भूमि हरियाणा राज्य औद्योगिक नियम से जुड़ी बताई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आडिटोरियम का मालिक मुख्यमंत्री के चहेते एक कांग्रेसी नेता का रिश्तेदार है। अजय चौटाला ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वे अनेक संस्थाओं को अपने दादा और पिता के नाम कर परिवार के प्रचार में लगे हैं जबकि उनका भारत की आजादी अथवा अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों में कोई योगदान नहीं है। विधायक अजय सिंह चौटाला ने उन पंचायती फैसलों की कड़ी आलोचना की, जिनके जरिए पति-पत्नी के रिश्तों को बहन-भाई के रिश्ते में बदलने के तालिबानी फैसले किए जा रहे हैं। इनेलो नेता ने इस मसले पर सरकार की कड़ी आलोचना की और कहा कि हुड्डा सरकार अपना स्टैंड स्पष्ट करें। हुड्डा सरकार पर रिलायंस की मदद करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि खेदड़ परियोजना का जल्दबाजी में उद्घाटन केवल इसलिए किया गया, ताकि रिलायंस गु्रप को डेढ़ करोड़ रुपए की पैनेल्टी का लाभ दिया जा सके। चौटाला ने महम शूगर मिल को बंद करने की आलोचना की और कहा कि आनन-फानन में रोहतक चीनी मिल का उद्घाटन किया गया, जहां अभी तक एक दाना भी चीनी पैदा नहीं की जा सकी है। उन्होंने कहा कि सहकारी मिलों को अपने लोगों की मदद के नाम पर समाप्त किया जा रहा है। किसान अपना गन्ना अन्य जगह ले जाने पर विवश हैं। अजय सिंह चौटाला ने एक प्रश्र के उत्तर में कहा कि ऐलनाबाद उपचुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग, मतदाताओं को पैसा बांटकर वोट हथियाने के हुड्डा के जो प्रयास हुए, प्रदेश की जनता उन्हें भली प्रकार समझ चुकी है। ऐलनाबाद की जनता ने सोच समझकर कांग्रेस के सभी ओच्छे हथकंडे को नकारा और अभय सिंह को चुनाव जीताया। अजय चौटाला ने कहा कि नैतिक जीत का दावा करने वाले हुड्डा में जरा सी भी नैतिकता हो तो वे त्याग पत्र देकर पुन: जनता के बीच जाएं। पत्रकार सम्मेलन में पार्टी अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने घोषणा की है कि सरकारी तंत्र के जरिए मुख्यमंत्री हुड्डा ने ऐलनाबाद उप चुनाव में किस प्रकार मतदाताओं को पैसे से खरीदने की कोशिश की, उसकी शिकायत भारतीय चुनाव आयोग को की जाएगी। ऐलनाबाद के एक हजार मतदाता अपने बयान-हल्फी आयोग को सौंप कर बताएंगे कि किस प्रकार उन्हें लालच देने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री हुड्डा के पंजाबी भाषा संबंधी ताजा बयान पर टिप्पणी करते हुए अरोड़ा ने कहा कि चौ. ओमप्रकाश चौटाला ने अपने शासनकाल में विधानसभा में संशोधित प्रस्ताव पास करवाकर इस भाषा को यह दर्जा दिया था अब नए सिरे से पंजाबी भाषा को दूसरी भाषा का दर्जा देना वास्तव में हुड्डा का प्रदेश की जनता को भ्रमित करने का प्रयास है। अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा की जनता भली प्रकार हुड्डा की कागजी घोषणाओं को जानती है। इधर, इनेलो विधायक दल की बैठक 2 फरवरी को चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में सायं 4 बजे बुलाई गई है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अजय सिंह चौटाला ने बताया कि विधानसभा में पार्टी के उप नेता शेर सिह बड़सामी की अध्यक्षता में यह बैठक होगी, जिसमें उन विषयों पर विचार किया जाएगा, जो सदन में उठाए जाने हैं।

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हुड्डा सरकार अग्निकाण्ड पीडि़तों को राहत देने की बजाय बेवजह परेशान कर रही है: अजय चौटाला

29 जनवरी 2010

चंडीगढ़(सिटीकिंग) इनेलो ने हुड्डा सरकार द्वारा डबवाली अग्निकाण्ड पीडि़तों को मुआवजा देने की बजाय अपनाए जा रहे टालमटोल के रवैये की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए कहा कि इससे सरकार का अमानवीय चेहरा सामने आ गया है। इनेलो के प्रधान महासचिव व डबवाली के विधायक अजय सिंह चौटाला ने कहा कि पिछले हुड्डा सरकार अग्निकाण्ड पीडि़तों के जख्मों पर मरहम लगाने व उन्हें राहत देने की बजाय बेवजह परेशान करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि डबवाली अग्निकाण्ड पीडि़तों को राहत पहुंचाने के लिए पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने जस्टिस टीपी गर्ग आयोग का गठन किया था और आयोग की सिफारिश पर उच्च न्यायालय ने अग्निकाण्ड से पीडि़त लोगों व उनके परिवारों को मुआवजा राशि दिए जाने को लेकर फैसला सुनाया था।
डबवाली के विधायक ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा पिछले साल 9 नवम्बर, 2009 को दिए गए फैसले अनुसार अग्निकाण्ड से पीडि़त लोगों को दिए जाने वाले मुआवजे का 45 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार और बाकी 55 फीसदी हिस्सा सम्बन्धित राजीव मैरिज पैलेस व डीएवी ग्रुप द्वारा अदा किया जाना है। इस मुआवजे की अदायगी अदालती आदेशों के चार महीने के भीतर की जानी है। उन्होंने कहा कि 14 साल पहले हुए इस हादसे से प्रभावित लोगों व उनके परिवारों को अदालती आदेश के बाद मुआवजा मिलने की उम्मीद बनी है लेकिन हुड्डा सरकार अदालत के फैसले का सम्मान करने और प्रभावित लोगों को तुरन्त मुआवजा राशि देकर उनके घावों पर मरहम लगाने की बजाय इस मामले को लटकाने के लिए एक बार फिर से सर्वोच्च न्यायालय जाने की तैयारी में लगी हुई है।
इनेलो विधायक ने कहा कि 23 दिसम्बर, 1995 को डबवाली के राजीव मैरिज पैलेस में डीएवी स्कूल द्वारा आयोजित किए जा रहे वार्षिक समारोह के दौरान आग लग जाने से स्कूली बच्चों व शिक्षकों सहित करीब 446 लोगों की मौत हो गई थी और 200 के करीब अन्य लोग घायल हो गए थे। इनमें से कई घायलों के चेहरे व शरीर पर अग्निकाण्ड के निशान आज भी ज्यों के त्यों बने हुए हैं और अनेक बच्चों को पिछले 14 सालों से निरन्तर विभिन्न अस्पतालों से अपना इलाज करवाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अदालती फैसले के अनुसार हरियाणा सरकार द्वारा मुआवजा राशि को जो 45 फीसदी हिस्सा दिया जाना है उनमें से 15 फीसदी बिजली बोर्ड, 15 फीसदी डबवाली नगर पालिका और 15 फीसदी उस समय के उपायुक्त एमपी बिदलान द्वारा दिया जाना है।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला आए करीब पौने तीन महीने हो गए हैं और हुड्डा सरकार ने अदालती फैसले के अनुसार अभी तक पीडि़त लोगों को मुआवजा राशि नहीं दी है बल्कि अब हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की योजना बना रही है ताकि एक बार फिर इस मामले को लटकाया जा सके। उन्होंने कहा कि हुड्डा सरकार को इस मामले में तकनीकी दृष्टिकोण अपनाने की बजाय मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और पीडि़तों के जख्मों पर मरहम लगाते हुए न सिर्फ तुरन्त मुआवजा का भुगतान करना चाहिए बल्कि इस अग्निकाण्ड से पीडि़त बच्चों व उनके परिवारों के पुनर्वास का बन्दोबस्त करते हुए उन्हें सरकारी विभागों में पहल के आधार पर नौकरियां भी दी जानी चाहिए ताकि वे अपना जीवनयापन कर सकें। उन्होंने कहा कि डबवाली के विधायक होने के नाते वे पूरी तरह से अग्निकाण्ड पीडि़तों व उनके परिवारों के साथ हैं और उन्हें उच्च न्यायालय द्वारा घोषित किया गया मुआवजा दिलवाने के लिए हर सम्भव प्रयास करेंगे।

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