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ताऊ देवीलाल की पुण्यतिथि मनाई श्रद्धापूर्वक

07 अप्रैल 2010
नई दिल्ली: देश के प्रमुख राजनैतिक नेताओं ने चौधरी देवीलाल की नौवीं पुण्यतिथि पर आज जननायक को गरीब, कमेरे, कमजोर, दलित व किसान वर्ग का मसीहा बताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। चौधरी देवीलाल की दिल्ली स्थित समाधि संघर्ष स्थल पर सर्वधर्म सभा का आयोजन किया गया। संघर्ष स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह व सर्वधर्म सभा में चौधरी देवीलाल को श्रद्धांजलि देने वालों में इनेलो सुप्रीमों ओमप्रकाश चौटाला, श्रीमती सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह, शरद यादव, नामा नागेश्वर राव, सुल्तान सिंह, सुरेंद्र वशिष्ठ, विजय गोयल, प्रवेश साहब सिंह वर्मा, मनजिंदर सिंह, अवतार सिंह हित, धर्मदेव सोलंकी, अशोक अरोड़ा, अजय सिंह चौटाला, अभय सिंह चौटाला, तरलोचन सिंह एवं डॉ. कंवरसेन सहित अनेक प्रमुख नेता व हजारों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। श्री चौटाला ने चौधरी देवीलाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्व. जननायक ने अपना पूरा जीवन किसान, कमेरे वर्ग, मजदूर व व्यापारियों के लिए संघर्ष करते हुए न सिर्फ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया बल्कि उन्हें उनके अधिकार दिलवाने के लिए हमेशा संघर्षरत रहे। पूर्व मुख्यमन्त्री ने कहा कि हरियाणा के निर्माता चौधरी देवीलाल ने न सिर्फ देश की आजादी में अहम् भूमिका निभाई बल्कि अनेक बार जेल भी गए और उनमें सत्ता या पद को लेकर कभी कोई चाह नहीं थी और वे त्याग की प्रतिमूर्ति बनकर देश के उज्जवल भविष्य के लिए लड़ाई लड़ते रहे। एनडीए संयोजक शरद यादव ने स्व. उप-प्रधानमन्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि चौ. देवीलाल मन, कर्म और वचन के पक्के थे और जो भी वायदा करते थे उसे निभाने में वे पीछे नहीं हटते थे। उन्होंने कहा कि उन्हें चौ. देवीलाल जी के साथ काम करने का सौभाग्य हासिल हुआ था और 1989 में प्रधानमन्त्री चुन लिए जाने के बावजूद अपना वचन निभाते हुए उन्होंने प्रधानमन्त्री का ताज अपने सिर से उतारकर वीपी सिंह के सिर पर रख दिया था। उन्होंने कहा कि ऐसी त्याग की भावना किसी अन्य राजनेता में नहीं मिल सकती। संसद में विपक्ष की नेता श्रीमती सुषमा स्वराज ने स्व. उप-प्रधानमन्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि किसानों व मजदूरों के लिए लड़ाई लडऩे वाले चौधरी देवीलाल जैसे संघर्षशील व्यक्ति विरले ही होते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें चौधरी देवीलाल के साथ काम करने का अवसर मिला था और स्वर्गीय जननायक ने दशकों तक किसानों की आवाज बुलंद कर उनके हक दिलवाने का काम किया और वे ऐसे व्यक्तित्व को शत-शत नमन करती हैं। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने चौधरी देवीलाल को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि स्व. उप-प्रधानमन्त्री जमीन से जुड़े हुए किसानों के सबसे बड़े नेता थे। वे किसानों, मजदूरों व समाज के हर वर्ग के दर्द और समस्या को भलीभांति समझते थे। उनकी पहचान केवल हरियाणा के लिए थी बल्कि वे पूरे देश के किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत रहे और किसान उन्हें अपना नेता मानते हैं। उन्होंने कहा कि चौधरी देवीलाल के संघर्ष की चर्चाएं चौपालों से लेकर संसद तक होती थी। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विजय गोयल, दिल्ली के भाजपा विधायक धर्मदेव सोलंकी, दिल्ली के मेयर डॉ. कंवरसेन व प्रवेश साहब सिंह वर्मा ने भी स्वर्गीय जननायक को श्रद्धांजलि भेंट की। सिरसा जिले में सिरसा के अलावा डबवाली, ऐलनाबाद, नाथुसरी चोपटा, औढ़ा, फूलका, खारियां व कालांवाली में भी श्रद्धांजलि समारोह आयोजित करके स्व. जननायक को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। फरीदाबाद, गुडग़ांव, रेवाड़ी, नारनौल, महेंद्रगढ़, फतेहाबाद, हिसार, जीन्द, रोहतक, सोनीपत, पानीपत व यमुनानगर में भी सर्वधर्म सभाओं का आयोजन कर स्व. जननायक को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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वरिष्ठ प्रतिभा प्रदर्शन व सम्मान समारोह आयोजित

06 अप्रैल 2010
नई दिल्ली: यहॉं गांधी शांति प्रतिष्ठान के सभागार में काजल एवं हम सब साथ साथ पत्रिका द्वारा संयुक्त रूप से अपने वार्षिक आयोजन के अवसर पर पद्मश्री डा. श्याम सिंह 'शशि' के मुख्य अतिथ्यी में अ.भा. बाल युवा एवं वरिष्ठ प्रतिभा प्रदर्शन व सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर बोलते हुए डा. शशि ने साहित्य एवं कला क्षेत्र की विसंगतियों पर कटाक्ष करते हुए दिल्ली व देश के अन्य भागों से आई विभिन्न प्रतिभाओं को मंच व सम्मान देने के लिए काजल व हम सब साथ साथ पत्रिकाओं की ईमानदार प्रयासों की सराहना की। समारोह का प्रारंभ 'इंसान का इंसान से हो भाईचारा, यही पैगाम हमारा' गीत के साथ हुआ। तत्पश्चात कु. दीपश्री ने सरस्वती वंदना एवं रेडियो कलाकार श्रीमती सुधा उपाध्याय ने मधुर स्वर में राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया। इसके बाद काजल पत्रिका की संपादक श्रीमती उशा नेगी, प्रबंध संपादक श्री संजीव सूरी एवं हम सब साथ साथ की संपादक श्रीमती शशि श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर काजल पत्रिका के वार्षिक अंक एवं श्री किषोर श्रीवास्तव की जन चेतना कार्टून प्रदर्शनी से संबंधित व्यंग्य चित्रों की पुस्तक 'खरी-खरी' का माननीय अतिथियों ने विमोचन भी किया। समारोह के दौरान सर्वश्री डॉ. अनवर बेग, बाबूलाल दोषी, दिनेश पोखरियाल (दिल्ली) को पत्रकारिता एवं समाजसेवा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए काजल द्वारा सम्मानित किए जाने के साथ ही हम सब साथ साथ के सदस्यों में से चुनी गई प्रतिभाओं सर्वश्री कु. विस्मिता रस्तोगी को बाल प्रतिभा सम्मान, डॉ. हरीश अरोड़ा, सुषमा भंडारी (दिल्ली), कु. नसीम अख़्तर (भोपाल, मप्र), डॉ. सुधीर सागर (फरीदाबाद, हरियाणा), अनार सिंह वर्मा (कासगंज, उप्र), रमेश सोनी (बसना, मप्र) को युवा प्रतिभा सम्मान एवं प्रो. डा. शरद नारायण खरे (मंडला, मप्र) व डा. तेजिन्द्र (कैथल, हरियाणा) को वरिष्ठ प्रतिभा सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर बेलगाम के श्री रमेष वी. कुलकर्णी को हम सब साथ साथ का इस वर्ष का लाइफ टाइम अचीवमेंट्स अवार्ड देने की घोषणा भी की गई। कार्यक्रम के दौरान सम्मान हेतु चयनित विभिन्न प्रतिभाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन भी किया। इस समारोह में समारोह के विशिष्ट अतिथियों सर्वश्री डा. सरोजिनी प्रीतम, डा. लक्ष्मी शंकर वाजपेयी, हरिसुमन बिष्ट, श्रवन कमार उर्मलिया, शशिकांत भारती एवं डा. ज्योति नंदा ने भी अपनी सुमधुर रचनाएं एवं वक्तव्य प्रस्तुत करके समा बांध दिया। समस्त कार्यक्रमों का सुंदर संचालन प्रसिद्ध साहित्यकार श्री विनोद बब्बर एवं कवयित्री नमिता राकेश ने किया। समारोह को सफल बनाने में सर्वश्री अखिलेष द्विवेदी अकेला, मीनू श्रीवास्तव, पूनम शर्मा, लाल बिहारी लाल एवं इरफान आदि का सहयोग सराहनीय रहा।´

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माता सुदंरी कॉलेज में हुए अनेक सांस्कृतिक/साहित्यक कार्यक्रम

17 मार्च 2010
नई दिल्ली: यहॉ नॉन कॉलिजिएट वूमन बोर्ड के माता सुंदरी कॉलेज के वार्शिकोत्सव पर सुश्री कमलेश कौर (नान कॉलेज इंचार्ज) के संयोजन में अनेक साहित्यिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सुंदर आयोजन किया गया। इन विभिन्न कार्यक्रमों का कॉलेज स्टॉफ व छात्राओं ने जमकर लुत्फ उठाया। इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. विनोद लयाल (निदेशक-नानवूमन कॉलिजिएट) ने गत वर्ष की परीक्षा में अच्छे अंक पाने वाली व विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाशाली छात्राओं की विशेष रूप से प्रशंसा की और उनके निरन्तर आगे बढऩे की कामना की। समारोह के प्रारम्भ में परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने वाली विभिन्न प्रतिभाशाली छात्राओं को पुरस्कार भी प्रदान किए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान डा. रवीन्द्र कौर के निर्देशन में प्रस्तुत गिद्धा डॉंस व श्री गोविन्द के निर्देशन में प्रस्तुत पश्चिमी नृत्य में छात्राओं ने अपने मनोहारी प्रस्तुतकिरण से दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा भ्रूण हत्या पर प्रस्तुत नाटक भी प्रभावशाली रहा। समारोह के दौरान दिल्ली के श्री किशोर श्रीवास्तव का लाफ्टर शो व 25वें वर्ष में चल रही उनकी जन चेतना कार्टून पोस्टर प्रदर्शनी 'खरी-खरी' भी आकर्षण का केंद्र रही। समस्त आयोजन को सफल बनाने में सर्वश्री डॉ. इंदु सिंह, डॉ. हरीश अरोड़ा एवं डॉ. लोकेश का विशेष सहयोग रहा।

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सीमा तिवारी की आवाज से मधुमई हुई शाम

08 मार्च 2010
न्यू दिल्ली(सीमा तिवारी) अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के पूर्व संध्या पर माननीय लोकसभा अध्यक्षा मीरा कुमार जी का निवास और सुर में पिरोई हुई देश की की जानी मानी लोक गायिका सीमा तिवारी की आवाज से मधुमाश के महीने की शाम मधुमई हो गई। इस कार्यक्रम की शुरुआत "दिल्ली के धरती ह लोग भोजपुरिया स्वागत में रउरा हमार झुकल बा मउरिया..............................गीत के साथ हुई. चइती गीत "आधी आधी रतिया जगावे इ कान्हा तोरीरे बंसुरिया...............................एवं "बनेबने फुलवा फुलइले हो रामा एही मधुमसवा...................पर लोग झुमने पर मजबूर हो गये .सीमा तिवारी ने इस मौके पर महिलाओं एवं भोजपुरी में आ रही अश्लीलता के लिए एक सन्देश गीत"हरियर टीकुलिया लहरेदार टिकुली गिरे न पावे........................भी गाया। इस समारोह का आयोजन पटना विश्वविद्यालय के द्वारा किया गया था। इस समारोह में भूतपूर्व राज्यपाल डॉ भीस्म नारायण सिंह , आई.पी .एस आमोद कंठ,आई. इ. एस. श्री मंजूल जी पूर्वांचल एकता मंच के अध्यक्ष श्री शिवजी सिंह, श्री हरेन्द्र प्रतापव् सिंह, सिम्पैथी के निदेशक डॉ आर. कान्त. एवं समाजसेवी लाल बिहारी लाल सहित कई गणमान्य लोगों ने इस कार्यक्रम का लुफ्त उठाया। अंत में पटना विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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लाल बिहारी लाल को शब्द-सारथी सम्मान

26 फरवरी 2010
नई दिल्ली(सोनू गुप्ता) होली के शुभ अवसर पर हिन्दी आकादमी ,दिल्ली के सहयोग से लाल कला,सांस्कृतिक एवं सामाजिक चेतना मंच के तत्वाधान में रंग अबीर उत्सव,काव्यगोष्ठी सह सम्मान समारोह का आयोजन शक्ति विहार बदरपुर में किया गया । उस अवसर पर दर्जनों सीहित्य प्रेमी एवं समाज सेवियों को विभिन्न सम्मानों से सम्मानित किया गया । दिल्ली रत्न लाल बिहारी लाल को शब्द-सारथी सम्मान से मीठापुर के निगम पार्षद श्री महेश आवाना एवं दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी के सचिव श्री भवानी प्रसाद शर्मा द्वारा सम्मानित किया गया । अन्य सम्मान उक्त अतिथियों द्वारा उस प्रकार-लेखनी के लाल- श्री के पी सिंह कुवंर,श्रीमती पूर्णिना अग्रवाल, मों उमर हनीफ, श्री विरेन्द्र कमर,पत्रकार मुन्ना पाठक को लेखनी श्री, गायिका सीमा तिवारी को कला श्री, चिकित्सक डा. आर कान्त को जीवन श्री, समाजसेवी सम्मान श्री धुरेन्द्र राय को प्रदान किया गया ।

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कोर्ट मैरिज को मिलेगी सामाजिक मान्यता

02 फरवरी 2010
नई
दिल्ली(प्रैसवार्ता) भारतीय समाज से दहेज रूपी दानव को बाहर निकालने के लिए केन्द्र सरकार कोर्ट मैरिज को सामाजिक मान्यता देने पर एक योजना को अंतिम रूप देने जा रही है। शादी का सरकारी पंजीकरण पहले ही अनिवार्य किया जा चुका है। केन्द्र सरकार भारतीय समाज के पूरी तरह पश्चिमी संस्कृति में लीन होने से चिंतित है, क्योंकि सरकार मानती है कि दिनों-दिन बढ़ रही महंगाई, दिखावे बाजी तथा परम्पराओं का निर्वाह लोगों को शादी-विवाह के कर्ज में डूबो रहा है और यही कर्ज अक्सर लोगों को मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या का रास्ता दिखा देता है। वर्तमान में बदलते युग में भारतीय समाज में परम्परागत शादी करना ''आऊट फैशन'' हो गया है और लोग देखा-देखी महंगी से महंगी शादी करने लगे हैं-भले ही उन्हें इस शादी के लिए सम्पती बेचनी या कर्ज लेना पड़े। अमीर वर्ग में तो इस तरह की शादी का कोई असर नहीं देखा जाता, जबकि मध्यम तथा निम्र वर्ग में ऐसी शादियों के बाद मां-बाप ही कर्ज के बोझ तले नहीं दबता, बल्कि इसका खामियाजा नव विवाहित दम्पत्ति को भी कई बार भुगतना पड़ता है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण स्तर पर लोग शादियों के लिए ''मैरिज पैलेस'' को प्राथमिकता देने लगे हैं। उपायुक्त कार्यालयों में वही शादियां कम दर्ज करवाई जाती है-जबकि कोर्ट मैरिज विदेश जाने वाले ही करवाते हैं। केन्द्र सरकार की इस नई योजना से भारतीय समाज में ''कोर्ट मैरिज'' को अच्छी नजर से न देखने वालों की सोच में बदलाव लाकर उन्हें जागरूक करने का प्रयास होगा, शादी के लिए खर्च, बाराती संख्या इत्यादि की एक सीमा निर्धारित की जायेगी, जिसके उल्लंघन पर जुर्माना, कैद अथवा दोनों ही का प्रावधान होगा। सरकार की इस योजना से, जहां दहेज रूपी दानव से मुक्ति मिलेगी, वही शादी के लिए सम्पति के बेचने या कर्ज लेने से भी बचा जा सकेगा।

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रजिस्ट्रेशन बगैर नहीं चलेंगे क्लीनिक, लैब

29 जनवरी 2010
प्रस्तुति: प्रैसवार्ता
नई दिल्ली। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने और अवैध तरीके से भ्रूण परीक्षण पर अंकुश लगाने की कोशिश के तहत कैबिनेट ने वीरवार को क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन बिल को मंजूरी दे दी। इसके तहत सभी निजी और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं तथा लैबों के लिए रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा और वे एक नियामक ढांचे के तहत आ जाएंगे। इसके साथ ही कैबिनेट ने राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम चलाने को मंजूरी दे दी। इस योजना पर मौजूदा पंचवर्षीय योजना अवधि में 182 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूर बिल के अनुसार सभी अस्पतालों और लैबों के साथ ही व्यक्तिगत तौर पर डॉक्टर द्वारा संचालित क्लिनिकों को भी रजिस्ट्रेशन कराना होगा और उन्हें भारतीय जन स्वास्थ्य मानक का पालन करना होगा। उम्मीद की जा रही है कि इस महत्वपूर्ण विधेयक के जरिए अवैध तरीके से अल्ट्रासाउंड करके लिंग निर्धारण करने वाले निजी लैबों पर रोक लग सकेगी।

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मुम्बई को दिल्ली से सबक लेना चाहिए : किरण वालिया

25 जनवरी 2010
दिल्ली सबको अपनाती है। यहॉ एक चौथाई मैथिली-भोजपुरी भाषी है। दिल्ली उन्हें अपना समझती है। उनके भाषा और संस्कृति का सम्मान करती है और वे लोग भी दिल्ली को अपना शहर मानते हैं। मुम्बई को दिल्ली से सबक लेना चाहिए। ये बातें 24 जनवरी 2010, आई सी सी आर सभागार, आजाद भवन में मैथिली-भोजपुरी अकादमी, दिल्ली द्वारा आयोजित गणतन्त्रा दिवस कविता-उत्सव के अवसर पर मुख्य अतिथि भाषा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास मंत्री , दिल्ली किरण वालिया ने कही। इस अवसर पर मॉरिशस से आई साहित्यकार सरिता बुद्वू ने मॉरिशस में भोजपुरी के दशा-दिशा का जिक्र करते हुए वहॉ का एक लोक गीत भी सुनाया।
कविता-उत्सव की अघ्यक्षता वरिष्ठ कवि प्रो केदार नाथ सिंह और मंच संचालन वरिष्ठ व्यंगकार डॉ रमाशंकर श्रीवास्तव ने किया। केदार नाथ सिंह ने अपने अघ्यक्षीय भाषण में कहा कि 'भोजपुरी साहित्य में मनोज भावुक जैसे युवा कवियों को आगे लाना चाहिए। युवा साहित्यकारों का आगे आना भोजपुरी साहित्य के हित में है। मैथिली-भोजपुरी अकादमी अगली बार केवल युवा कवियों का ही एक कवि सम्मेलन आयोजित करें।' अकादमी के सचिव डॉ रवीन्द्र नाथ श्रीवास्तव परिचयदास ने डॉ केदार नाथ सिंह की बातों का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि बहुत जल्दी हम युवा कवि सम्मेलन आयोजित करेंगे।
कडाके की ठण्ड और कुहासे को चीर-फाडकर आए सुधी दर्शको ने मैथिली-भोजपुरी के लगभग दो दर्जन कवियों को सुना। हर ढंग और हर विधा की कविता पढ़ी गई। हास्यावतार पण्डित कुबेर नाथ मिश्र विचित्रा छाए रहें। विचित्रा ने 'गुलाबी रंग में तहरी कवन इ भेद हो जाला कि तनिको मुस्कुरा देलू त दिल में छेद हो जाला', से शुरू होकर बागी बलिया की महिमा का बखान तक किया। नाटककार महेन्द्र प्रसाद सिंह ने अपनी कविता बोनस में हास्य व्यंग के माघ्यम से जिन्दगी की जीजिविषा को बताया। मैथिली कवि रमण कुमार सिंह ने दिल्ली की हालत पर मारक कविता कही। फिर छन्दबद्व और लयबद्व कविता लेकर आए भोजपुरी के जाने माने गजलकार मनोज भावुक। भावुक जितना अच्छा लिखते है, उससे भी अच्छा गजल कहते है – 'भंवर में डूबियो के आदमी उबर जाला, मरे के बा त उ दरिया किनारे मर जाला' और एक दोहा 'पडल हवेली गॉव में भावुक बा सुनसान, लइका खोजे शहर में छोटी मुकी मकान' से भावुक ने समा बॉध दिया। मैथिली कवियों में गंगेश गुंजन का जवाब नहीं। इग्नु के प्रो शत्रुघ्न कुमार की कविता अम्मा ने दिल को छू लिया। अलका सिंहा और परिचय दास की कविताएं सोचने को मजबूर करती है और श्रोता को आस्वाद से परे ले जाती है। प्रमोद तिवारी ने मधुर स्वर में पांरम्परिक घुन पर अपनी रचना सुनाई। चन्द्रदेव यादव, राधेश्याम तिवारी, विश्वनाथ यादव, नचिकेता, कामिनी कामायनी, तारानन्द वियोगी, मंजर सुलेमान, रविन्द्र लाल दास, शेपफालिका वर्मा, सारंग कुमार और सुस्मिता पाठक आदि कवि भी खूब जमें। खचाखच भरे इस सभागार में न सिर्फ मैथिली-भोजपुरी बल्कि पंजाबी, बंगाली, सिधी और अन्य भोजपुरी-मैथिली प्रेमी भी मौजूद थे। अकादमी के सचिव परिचय दास ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि इध्र मैने कई अन्य अकादमियों का उत्सव देखा पर इनमें मैथिली-भोजपुरी अकादमी का कविता-उत्सव सर्वोतम रहा।

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राहुल मलेशिया के प्रधानमंत्री से मिले

22 जनवरी 2010

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी और मलेशिया के प्रधानमंत्री मोहम्मद नजीब तुन अब्दु रज्जाक के बीच यहां औपचारिक मुलाकात हुई। प्रधानमंत्री रज्जाक भारत की अगली पीढ़ी के नेता से मिलना चाहते थे। सूत्रों के अनुसार यह बैठक मलेशिया के प्रधानमंत्री की पहल पर हुई जो युवा नेता के साथ उनकी पार्टी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करना चाहते थे। मलेशिया के प्रधानमंत्री गठबंधन सरकार चला रहे हैं और ये जानना चाहते थे कि कांग्रेस किस प्रकार अन्य दलों के साथ मिलकर सरकार चला रही है। सूत्रों ने कहा कि रज्जाक मलेशिया के ऎसे दूसरे प्रधानमंत्री हैं जो भारत के अगली पीढ़ी के नेता से मिलना चाहते थे।

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चायपत्ती से चलेंगी गाड़ियां

06 जनवरी 2010
नई दिल्ली(वार्ता) पाकिस्तान के एक वैज्ञानिक ने नैनो साइंस की मदद से इस्तेमाल की हुई चाय की पत्ती से बायोडीजल बनाने का दावा करके ऊर्जा के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। पाकिस्तान में नेशनल सेंटर ऑफ फिजिक्‍स में कार्यरत वैज्ञानिक डॉ. सैयद तजामुल हुसैन और उनकी टीम ने एक वर्ष के गहन शोध के बाद वैज्ञानिक परीक्षणों में पता लगाया है कि जिस चाय की पत्ती को इस्तेमाल के बाद फेंक दिया जाता है, उससे बायोडीजल बनाने की अपार संभावनाएं हैं। बायोडीजल सामान्य डीजल के गुणों जैसा होता है, बस फर्क यह है कि इसे तेल कुओं से हासिल न करके कृषि उत्पादों की मदद से बनाया जाता है। जैसा हमारे देश में जटरोफा के बीजों से डीजल तेल या गन्ने की मदद से एथनॉल बनाया जा रहा है। इन दोनों उत्पादों का डीजल की जगह प्रयोग भी किया जा रहा है। पाकिस्तान के अखबार ‘द न्यूज’ के अनुसार डॉ. हुसैन की यह महत्वपूर्ण खोज प्रतिष्ठित बायो टेक्नोलॉजी के जर्नल के ताजा अंक में प्रकाशित की जाएगी। डॉ. हुसैन के अनुसार एक किलोग्राम इस्तेमाल हो चुकी चाय की पत्ती से नैनो तकनीक इस्तेमाल करके तकरीबन 560 मिलीलीटर तक बायोडीजल बनाया जा सकता है, लेकिन अगर इसका औद्योगिक उत्पादन हो तो मात्रा बढ़ने की संभावना है। डॉ. हुसैन के अनुसार इतना ही नहीं इस्तेमाल पत्ती से शराब बनाना भी संभव है। इस्तेमाल चायपत्ती से अगर औद्योगिक स्तर पर डीजल बनाना संभव हो पाया तो कृषि, वाहन एवं ईंधन उद्योग के क्षेत्र में क्रांति आ जाएगी। दूसरा इसका सबसे बड़ा फायदा पर्यावरण को होगा। इस डीजल के प्रयोग से सामान्य ईंधन से पैदा होनेवाले धुंए में कमी आएगी, जिससे पर्यावरण साफ-सुथरा रहेगा। इसके अलावा धरती पर बढ़ रही गर्माहट पर भी काबू पाया जा सकेगा और चायपत्ती उगानेवाले किसानों की आय के अवसरों में बढ़ोतरी हो सकेगी।

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आसाराम बापू को अग्रिम जमानत नहीं

04 जनवरी 2010
नयी दिल्ली(वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने पूर्व निजी सहायक राजू चंडो की हत्या के प्रयास के मामले में आसाराम बापू की अग्रिम जमानत याचिका आज खारिज कर दी। न्यायालय ने इस मुकदमे को निरस्त करने की आसाराम बापू की गुहार भी ठुकरा दी। न्यायमूर्ति अलतमत कबीर और न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की खंडपीठ ने मामले की संक्षिप्त सुनवाई के बाद तो आसाराम बापू की अग्रिम जमानत की मांग स्वीकार की और ही मुकदमा निरस्त करने को मंजूरी दी। बाद में न्यायालय ने याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। याचिकाकर्ता के वकील ने अपनी दलील में कहा कि उनके मुवक्किल के पूर्व निजी सहायक ने गलत इरादे से मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि घटना के दिन उनके मुवक्किल (आसाराम बापू) दिल्ली में मौजूद थे।

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36 कानूनों के बावजूद महिलाएं असुरक्षित

04 जनवरी 2010

प्रस्तुति: प्रैसवार्ता
नई दिल्ली। कानून में संशोधन कानूनी ढांचे का इलाज तो कर सकता है, लेकिन सरकार उनका क्या करेगी जो कानून लागू ही नहीं करते?महिलाओं की हिफाजत के लिए पहले से मौजूद 36 कानूनों के बावजूद महिलाओं पर अत्याचार बढ़े हैं। खास बात है कि छत्तीस में से दस कानून विशेष तौर पर महिलाओं के लिए ही बने हैं। सरकार ने साल भर से लंबित अपराध प्रक्रिया संहिता संशोधन कानून लागू कर दिया है। इसमें बलात्कार पीडि़ता को और अधिकार मिले हैं तथा ऐसे अपराधों का ट्रायल दो महीने में पूरा करने का प्रावधान भी किया गया है। महिलाओं के खिलाफ यौन अपराध रोकने के लिए कुछ नए कड़े कानून भी लाने की तैयारी चल रही है। कार्यस्थ पर यौन उत्पीडऩ रोकना और यौन उत्पीडऩा के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें बनाने का प्रावधान करना सरकार के एजेंडे में है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों को दो श्रेणियों में बांटा गया है। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत दर्ज अपराध और विशेष कानून तथा स्थानीय कानूनों के तहत दर्ज अपराध आईपीसी में बलात्कार, अपहरण, दहेज हत्या व दहेज प्रताडऩा, छेडख़ानी और लड़कियों की तस्करी के मामले हैं। विशेष और स्थानीय कानूनों में अनैतिक देह व्यापार (रोक) कानून, सती प्रथा रोक कानून हैं। इसके अलावा राज्य सरकारों ने भी जरूरत के हिसाब से कुछ कानून बनाए हैं, लेकिन असर वहां भी ढीला ही है। उदाहरण के तौर पर तमिलनाडु ने छींटाकशी रोकने के लिए अलग से कानून बना रखा है। महिला हितैषी कानूनों का दूसरा पहलू भी है। जिसमें अक्सर दुरुपयोग के आरोप लगते रहे हैं। विशेष कर दहेज कानून पर। इन सबके बावजूद, नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के 2003 से 2007 के आंकड़े बताते हैं कि बलात्कार, छेडख़ानी, यौन उत्पीडऩ, अपहरण और दहेज प्रताडऩा के मामले बढ़ रहे हैं।

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दिल्ली के अस्पताल से 3 आतंकी फरार, तलाश जारी

03 जनवरी 2010
प्रस्तुति: इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
नई दिल्ली। जी. बी. पंत अस्पताल से फरार तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों की तलाश युद्धस्तर पर जारी है। ये आतंकवादी दिल्ली हवाईअड्डे के निकट वर्ष 2000 में बम रखने की साजिश रचते पकड़े गए थे। बता दें कि ये तीन पाकिस्तानी आतंकवादी शनिवार को जी. बी. पंत अस्पताल से फरार हो गए थे। इन तीनों की जल्द ही रिहाई भी होनी थी। विदेशी क्षेत्रीय पंजीयन अधिकारियों (एफआरआरओ) के अधिकारियों को चकमा देकर तीनों आतंकवादी इस अस्पताल से फरार हो गए थे। दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त करनल सिंह ने कहा, "तीनों आतंकवादी पुलिस की हिरासत में नहीं थे। वे एफआरआरओ की देखरेख में थे। हमने एक मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश आरंभ कर दी है।" अस्पताल प्रशासन ने इस घटना से अनभिज्ञता जताई है। अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक शशि गुरुराजा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "पिछले कुछ दिनों में ऐसा कोई मामला मेरी नजर में नहीं आया। हम अपने रिकार्डो की जांच कर रहे हैं।" तीनों आतंकवादी जब वर्ष 2000 में गिरफ्तार किए गए थे तो इनके पास से बड़ी मात्रा में आरडीएक्स बरामद हुआ था। पुलिस को आशंका है कि ये देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं।

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बेरोजगार पति को पत्नी देगी खर्च

30 दिंसबर 2009
नई दिल्ली(एजेंसी) सुप्रीम कोर्ट ने नियमों से थोड़ा हटते हुए एक महिला को उसके बेरोजगार पति को बेंगलुरू की अदालत में तलाक का मुकदमा लड़ने के लिए 10 हजार रुपए अदा करने का आदेश दिया है। आम तौर पर सीआरपीसी के सेक्शन 125 के तहत पति को पत्नी या उसके माता-पिता को तलाक के मुकदमे के दौरान एवं उसके बाद भत्ता देना होता है। इस मामले में शीर्ष कोर्ट ने यह जानने के बाद कि पति संतोष के। स्वामी बेरोजगार है, बेंगलुरू में रह रही आइनेस मिरांडा को उसके पति को 10 हजार रुपए देने का आदेश दिया। चेन्नई निवासी संतोष इस रकम से बेंगलुरू की अदालत में तलाक का मुकदमा लड़ेंगे। जस्टिस दलवीर भंडारी नीत बेंच ने यह आदेश मिरांडा की ओर से दायर ट्रांसफर याचिका का निपटारा करते हुए दिया। मिरांडा ने इस याचिका में संतोष द्वारा चेन्नई में दायर किए गए एक मामले को बेंगलुरू ट्रांसफर करने की मांग की थी। संतोष ने चेन्नई स्थित फेमिली कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि उसके वैवाहिक अधिकार बहाल किए जाएं क्योंकि उसकी पत्नी ने बिना कारण रिश्ता तोड़ दिया है। इस पर मिरांडा को नोटिस जारी कर कोर्ट के सामने पेश होने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद मिरांडा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मिरांडा का आरोप था कि संतोष ने उसे परेशान करने के लिए चेन्नई में मामला दायर किया है। इससे पहले उसने संतोष के खिलाफ बेंगलुरू की अदालत में तलाक के लिए याचिका दायर की थी और घरेलू हिंसा कानून के तहत कार्रवाई भी शुरू करवाई थी। मिरांडा ने अपने वकील के माध्यम से बताया था कि वह एक फ्रीलांसर लेखक है, जबकि संतोष बेरोजगार है।

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शादी की तारीख वेबसाइट पर डालेंगे हरभजन

30 दिसंबर 2009

नई दिल्ली(वार्ता) टीम इंडिया के मोस्ट एलिजबल बैचलर हरभजनसिंह ने मंगलवार को कहा कि वह अपनी शादी की तारीख सबसे पहले अपनी वेबसाइट पर डालेंगे। हरभजन ने अपनी वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट हरभजनवर्ल्ड डॉट कॉम की लांचिंग के अवसर पर कहा कि सब मेरी ही शादी के पीछे पड़े रहते हैं तो चलिए आपको गारंटी देता हूँ कि मैं अपनी शादी की तारीख सबसे पहले अपनी वेबसाइट पर डालूँगा। उन्होंने साथ ही कहा कि मैं अपनी शादी की तस्वीरें भी अपनी वेबसाइट पर ही डालूँगा। इसलिए अब मेरे बारे में किसी को जानने के लिए ज्यादा परेशान नहीं होना होगा क्योंकि मेरी खुद की वेबसाइट जो लांच हो गई है। टर्बनेटर के नाम से मशहूर ऑफ स्पिनर हरभजन ने अपनी वेबसाइट के सवाल पर कहा कि यह युवाओं के लिए कोचिंग का जरिया बन सकता है। इसके अलावा इस पर खिलाड़ियों के बारे में मैदान में या फिर मैदान के बाहर भी जानकारी मिल सकती है क्योंकि हम इस पर अपनी कमेंट देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि इसके जरिए हम अपने प्रशंसकों के करीब रह सकते हैं। फिर युवा खिलाड़ी भी हमसे सीधे सवाल पूछ सकते हैं और हम उसका जवाब दे सकते हैं। यह अपने प्रशंसकों से संवाद का बेहतरीन जरिया है।

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लोगों को करना पड रहा है कडाके ठंड का सामना

28 दिंसबर 2009
नईदिल्ली(सिटीकिंग) आज के समय में हर जगह ठंड पड़ रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत उतर भारत के कई इलाकों में कडाके के ठंड पड़ रही है। इसी कारण वहां दो लोंगों की मौत हो गई है। मनमोहित ग्रोवर द्वारा किये गए सर्वें से पता चला है कि कल दिल्ली में लोगों को कडाके की ठंड सामना करना पडा जिस कारण उन्होने बाहर घूमने जाना उचित नहीं समझा। मौसम विभाग का इस मामलें में कहना है कि दिल्ली को इस समय कोहरा का सामना करना पड रहा है तथा जिसका प्रभाव यातायात पर भी देखने को मिल रहा है। इसी प्रकार माउनटाबू में हाड कंपकंपा देने वाली ठंड लगातार बढ़ रही है। इसी प्रकार कोहरा का सबसे अधिक प्रभाव उतर प्रदेश में देखने को मिला। कोहरे की वजह मेरठ सबसे ठंडा इलाका रहा तथा सड़क, रेल एंव यातायात पर कोहरे का असर देखने को मिला तथा इसी ठंड के कारण पिछले 24 घंटे में दो लोगों को मौत का सामना करना पडा।

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